खागा। समन्वय मंत्री अनिल राजभर ने अफसरों से धाता को कौशांबी में शामिल करने का प्रस्ताव बनाकर देने के लिए कहा है। यह जानकारी पाकर धाते कस्बे के लोगों में खुशी है। उनका मानना है कि धाता के कौशांबी में शामिल होने से स्थानीय लोगों को फायदा मिलेगा।
कौशांबी को ढाई दशक पहले जिला बनाया गया था, लेकिन अभी तक यह जनपद अपने मानकों को नहीं पा सका है। ऐसे में खागा तहसील को कौशांबी जनपद का हिस्सा बनाने के लिए मायावती सरकार में अधिसूचना जारी की गई थी। इससे सबसे अधिक खुश धाता ब्लाक के लोग हुए थे। यहां के लोगों के लिए कौशांबी का मुख्यालय मंझनपुर 15 किमी है, जबकि फतेहपुर मुख्यालय की दूरी 70 किलो मीटर है। हाल ही में कौशांबी के 95 गांवों को प्रयागराज में शामिल कर लिया गया है। इससे जनपद का मानक और भी नीचे चला गया है। ऐसे में फिर से धाता को कौशांबी में जोड़ने की बात शुरू हो गई है।
खागा तहसील को कौशांबी में ले जाने का स्थानीय लोगों ने विरोध किया था। इस कारण यह प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला गया। तब सर्व समाज कल्याण समिति ने खागा को छोड़कर केवल धाता के विलय की मुहिम चलानी शुरू की थी। अपना दल के नेता मनोज कुमार सिंह, व्यापार मंडल धाता के संजय सिंह, बाबूलाल गुप्ता, मानिक चंद्र केसरवानी, अंनत सिंह, विवेक सिंह ने कहा कि धाता क्षेत्र के उत्तर दिशा में दो से पांच, पूर्व में दो से तीन किमी की दूरी पर सीमा है। ऐसे में धाता को कौशांबी में शामिल करने से फायदा है।