फतेहपुर। सूखी नहरों में पानी आने से जानवरों और पक्षियों को गर्मी में प्यास बुझाने में राहत मिलेगी। सूखे तालाबों को भरा जाएगा। खरीफ के सीजन में खेती का काम भी शुरू हो जाएगा। धान की नर्सरी बोने के लिए किसान खेतों की पलेवा शुरू कर देंगे।
भीषण गर्मी से सूखे तालाब और पोखरों में पानी भरवाने के लिए सिंचाई विभाग ने नहर में पानी छोड़ा है। बुधवार को रामगंगा नहर में 274 क्यूसेक पानी बुधवार को छोड़ दिया गया। इससे छुट्टा मवेशियों और पक्षियों को प्यास बुझाने में मदद मिलेगी। सूखे तालाब भी भरे जाएंगे। धान की नर्सरी बोने के लिए गर्म हुई मिट्टी को पलेवा करके नार्मल किया जाएगा। इसके बाद धान की नर्सरी बोई जाएगी। किसानों का कहना है कि मई के दूसरे पखवारे से धान की नर्सरी बोई जानी है। इसके पहले खेतों की पलेवा करनी पड़ेगी। अधिशासी अभियंता नंदजी गुप्ता ने कहा कि नहर में बचत का पानी आया है। अभी इससे ज्यादा पानी आएगा। इससे सूखे तालाब भरें जाएंगे।