आईटीआई रोड में चिलचिलाती धूप में छाता लेकर निकलतीं महिलाएं। संवाद
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फतेहपुर। नौतपा से सवा माह पहले ही जिला तपने लगा है। पारा 43 डिग्री तक पहुंच चुका है। इतना पारा अप्रैल के पहले पखवाड़े की शुरुआत में वर्ष 2017 में पहुंचा था। पारे की अधिकता से हर कोई बेहाल नजर आ रहा है। रोहणी नक्षत्र में सूर्य 15 दिन तक रहता है। इसमें से शुरू के नौ दिन गर्मी ज्यादा पड़ती है। 10 वें दिन से कम होने लगती है इसलिए नौतपा सिर्फ नौ दिन का होता है।
इस बार नौतपा 25 मई से शुरू होने जा रहा है, लेकिन इस बार अभी से काफी गर्मी पड़ रही है। आसमान से आग बरस रही है। पारा लगातार बढ़ता जा रहा है। पिछले कई दिनों तक पारा 43 डिग्री पर पहुंचने के बाद गिरावट आ गई थी। तीन दिन से पारा 42 डिग्री के आसपास चल रहा था। मंगलवार को पारे ने फिर से उछाल मार दी। सुबह से ही मौसम में काफी गर्मी हो गई। सुबह के समय न्यूनतम पारा 25 डिग्री पर रहा। दिन के साथ पारा चढ़ने लगा। दोपहर 12 बजे तक पारा 41 डिग्री पर पहुंच गया। दोपहर तीन बजे पारा 43 डिग्री पर पहुंच गया। गर्मी का अहसास 45 डिग्री तापमान जितना हुआ। यह स्थिति शाम चार बजे तक बनी रही। इतनी अधिक गर्मी पड़ने से लोग बेहाल हो गए। बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा छा गया। शाम के समय लोगों को सूर्य की तपिश से कुछ राहत मिली।
पिछले वर्षों में 19 अप्रैल का तापमान
वर्ष अधिकतम न्यूनतम
2017 43 23
2018 42 23
2019 38 21
2020 40 25
2021 39 21
2022 43 22
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य जब चंद्रमा के रोहिणी नक्षत्र में आ जाता है तो नौतपा शुरू हो जाता है। सूर्य 15 दिनों के लिए इस नक्षत्र में आता है। इन दिनों सूर्य की सीधी किरणें धरती पर पड़ती हैं। इनमें पहले नौ दिन सर्वाधिक गर्मी वाले होते हैं। इन्हीं शुरुआती नौ दिनों को नौतपा के नाम से जाना जाता है। यदि इन नौ दिनों में किसी भी प्रकार से बारिश न हो और न ही ठंडी हवा चले तो यह माना जाता है कि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होगी। सूर्य 25 मई को रोहणी नक्षत्र में रहेंगे। यह स्थिति आठ जून तक रहेगी। इनमें पहले नौ दिन नौतपा के रहेंगे। इन दिनों गर्मी अधिक पड़ने की संभावना है।
- पं. दुर्गादत्त शास्त्री, ज्योतिषाचार्य