फतेहपुर। लॉकडाउन के चलते परिवहन निगम के अधिकारियों ने रोडवेज की 70 बसों को कार्यशाला में खड़ा कर दिया है। संविदा के 50 चालक और 40 परिचालकों को भी घर बैठा दिया गया है। अब डिपो की 49 बसें चल रही हैं।
जो जिले व गैर जिले तक जाती हैं। एआरएम एमएल केशरवानी का कहना है कि सवारी कम निकलने की वजह से रोडवेज को रोजाना आठ लाख रुपये का घाटा हो रहा है। सामान्य दिनों में 18-20 लाख रुपये की आय रोज होती थी। कानपुर, लखनऊ व प्रयागराज रूट में तीन-तीन और बांदा, चित्रकूट व घाटमपुर रूट पर दो-दो और स्थानीय रूटों पर 34 बसें चल रही हैं।