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Fatehpur News: पानी भरे खुले सेप्टिक टैंक में मिले भाई-बहन के शव

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फोटो-14-गमगीन मां व पिता। वीडियो ग्रैब
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फतेहपुर। पड़ोसी के घर पानी लेने गई मां के पीछे-पीछे दो बच्चे भी चले आए। मां पानी लेकर लौट गई लेकिन भाई-बहन घर नहीं लौटे। यहां खेलते-खेलते दोनों पानी भरे निर्माणाधीन सेप्टिक टैंक में गिर गए। समय पर मदद न मिलने से दोनों की मौत हो गई। बच्चों के मामा ने पड़ोसी महिला पर पुरानी कहासुनी की रंजिश में बच्चों की हत्या करने का आरोप लगाया है। कोतवाल का कहना है कि मामूली कहासुनी में ऐसा कृत्य करना समझ के परे है।
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राधानगर थाना क्षेत्र के बड़नपुर चौराहे के पास राकेश कुमार शर्मा ईंट भट्ठे में मजदूरी करते हैं। वह ग्राम समाज की भूमि पर कच्ची कोठरी बनाकर गुजर-बसर करते हैं। राकेश की पत्नी सुशीला मनरेगा मजदूर करती हैं।
परिजन ने बताया कि सुशीला मंगलवार शाम करीब शाम पांच बजे मजदूरी के बाद पुत्र शिवा (11), सत्यम (8), शिवांशी (7), सुंदरम (5), शत्रुघन (2) को लेकर घर लौटी थीं। कुछ देर के बाद पड़ोसी रामानंद पासवान के घर में लगे हैंडपंप पर पानी भरने गई थी। इस बीच बेटा सुंदरम और पुत्री शिवांशी भी मां के पीछे खेलते-खेलते पहुंच गए। बच्चों के साथ जाने की जानकारी महिला को नहीं हो सकी। महिला पानी लेकर घर लौट आई लेकिन बच्चे नहीं लौटे।
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करीब शाम करीब छह बजे राकेश ईंट भट्ठे से मजदूरी कर घर लौटा। राकेश करीब 500 मीटर दूर रहने वाले पिता वीरेंद्र के घर चला गया। राकेश करीब 30 मिनट बाद घर पहुंचा। सुशीला ने पति से बच्चों के बारे में पूछताछ की। पति बोला बच्चे उसके साथ नहीं गए थे।
यह सुनकर महिला के होश उड़ गए। परिवार ने बच्चों की तलाश की। पूरे गांव में खोजबीन के बाद भी पता नहीं लगा। करीब रात नौ बजे पड़ोसी रामानंद की पत्नी अंजू बोली कि सुशीला के साथ ही बच्चे आए थे।
आशंका पर रामानंद के घर के सेप्टिक टैंक में डंडे से तलाश की गई। बच्चों के डूबे होने के अनुमान पर सीढ़ी लगाकर कुछ लोग टैंक में उतरे। करीब 10 फीट गहरे टैंक में सात फीट पानी के नीचे डूबे बच्चों को बाहर निकाला जा सका। तब तक दोनों की मैौत हो चुकी थी।
बच्चों की मौत की खबर पर पुलिस पहुंची। पुलिस के सामने मामा संतोष शर्मा ने बताया कि बहन सुशीला और अंजू के बीच कई बार विवाद हो चुका है। आरोप है कि कहासुनी के दौरान अंजू ने बहन व बच्चों को जान से मारने की धमकी दी थी। अंजू ने ही बच्चों के बारे में बताया था। रंजिश के चलते बच्चों की हत्या की गई है।
प्रभारी निरीक्षक विनोद मौर्या ने बताया कि पड़ोसी के घर अक्सर बच्चे खेलने आते-जाते रहते थे। अक्सर सुशीला के बच्चे रामानंद के घर खाना-पानी तक करते थे। मामूली कहासुनी में ऐसी घटना किए जाने की संभावना नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आरोप की जांच की जाएगी।



बारिश का पानी होने से चालू नहीं था शौचालय
पड़ोसी रामानंद के घर का हाल ही में निर्माण हुआ है। सेप्टिक टैंक में पानी भरा होने के कारण शौचालय को चालू नहीं किया गया। तीन दिन पहले तक मजदूर घर में काम कर रहे थे। मजदूरों ने बाल्टी से पानी हटाने के लिए टैंक का ढक्कन तीन दिन पहले ही निकाला था। रामानंद थोड़ा-थोड़ा पानी टैंक से हटा रहे थे।

फोटो-14-गमगीन मां व पिता। वीडियो ग्रैब

फोटो-14-गमगीन मां व पिता। वीडियो ग्रैब

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