फतेहपुर। जिला अस्पताल को अब 24 घंटे बिजर्ली मिलेगी। तीन साल से बंद अस्पताल के स्वतंत्र फीडर से रविवार को आपूर्ति शुरू हुई। अस्पताल में भर्ती रोगियों को बिजली कटौती से होने वाली परेशानियों से निजात मिल गई है
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15 साल पहले अस्पताल को बिजली कटौती से मुक्त करने के लिए स्वतंत्र फीडर की स्वीकृति मिली थी। धीर-धीरे काम होता रहा। बाद में अस्पताल को स्वतंत्र फीडर तो मिल गया लेकिन आपूर्ति शुरू नहीं हुई।
साल 2012 में प्रदेश में नई सरकार आने के बाद तत्कालीन सांसद के प्रयासों से स्वतंत्र फीडर की आपूर्ति शुरू कराई गई। सात साल तक जिला अस्पताल को आपूर्ति मिली लेकिन दिसंबर 2017 में रेलवे ट्रैक के नीचे केबल जलने से फीडर ने काम करना बंद कर दिया। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल की लाइन शहरी क्षेत्र के फीडर से जोड़कर आपूर्ति चालू करा ली। फिर उसके बाद से किसी अधिकारी ने फीडर की सुध नहीं ली। करीब एक माह पहले अधिकारियों ने फीडर को सही कराने का काम शुरू कराया। रविवार को बिजली विभाग के इंजीनियरों ने स्वतंत्र फीडर ठीककर जिला अस्पताल में बिना कटौती की बिजली आपूर्ति शुरू करा दी। इसके अब भर्ती होने वाले रोगियों को बड़ी राहत मिलेगी। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. प्रभाकर ने बताया कि जिला अस्पताल को स्वतंत्र फीडर से बिजली आपूर्ति मिलना शुरू हो गया है।
अपराधिक घटनाओं में होगी कमी
फतेहपुर। जिला अस्पताल में आपराधिक घटनाओं में कमी आएगी। रात के समय बिजली कटौती होने पर भर्ती रोगियों और तीमारदारों के मोबाइल और पर्स लूट की आए दिन घटनाएं होती रहती हैं। बिजली आपूर्ति रहने पर घटनाएं कम होंगी।
अस्पताल के खर्चो में होगी कमी
फतेहपुर। अब अस्पताल का अर्थिक बोझ कम होगा। बिजली कटौती के समय दिन में अस्पताल में जनरेटर चलाना पड़ रहा था, क्योंकि जनरेटर बिना चलाए एक्सरे और अन्य जांचे नहीं होती थी। अब जनरेटर न चलने से प्रति घंटे आठ लीटर डीजल की बचत होगी।
मेडिकल कालेज से जुडने का मिला लाभ
फतेहपुर। मेडिकल कालेज के आधीन होने का जिला अस्पताल को यह लाभ मिला है। जिला अस्पताल शिक्षा एवं चिकित्सा से जुड़ने के कारण अब यहां की व्यवस्थाएं केंद्र सरकार के आधीन हो गई हैं। मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य के दखल पर बिजली विभाग ने आनन फानन स्वतंत्र फीडर से अस्पताल के लिए बिजली आपूर्ति चालू कर दी है।