फतेहपुर। धान किसानों के भुगतान की खबर अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने क्रय एजेंसियों पर कार्रवाई की। किसानों के भुगतान को लेकर हीलाहवाली करने वाले और 25 क्रय केंद्रों में धान खरीद पर रोक लगा दी गई है।
इसके पहले 16 क्रय केंद्रों पर रोक लगाई गई थी। अब तीन संस्थाओं के 37 क्रय केंद्रों में किसानों के धान की खरीद होगी। किसानों का धान खरीदने के लिए जिले में 10 संस्थाओं के 81 क्रय केंद्र बनाए गए हैं।
शासन से एक लाख 25 हजार मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य था। जिसके सापेक्ष एक लाख 23 हजार मीट्रिक टन से अधिक धान 21,500 से अधिक किसानों से खरीदा गया है, लेकिन 12 हजार से अधिक किसानों का करीब 97 करोड़ रुपये का भुगतान बाकी है।
जबकि क्रय केंद्र में धान बेचने के 72 घंटे में किसानों के खाते में भुगतान करने का नियम है। 15 अक्तूबर से शुरू हुई धान की खरीद 28 फरवरी तक चलेगी।
डेढ़ महीना पहले ही क्रय एजेंसियों ने अपने धान खरीद के लक्ष्य को पूरा कर लिया है, लेकिन किसानों के भुगतान पर ध्यान नहीं दे रही हैं। अमर उजाला में 15 जनवरी को अमर उजाला में खबर प्रकाशन के बाद प्रशासन ने क्रय एजेंसियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया। जो एजेंसियां भुगतान में लेट लतीफी कर रही हैं, उनके धान खरीदने पर रोक लगा दी है।
इन एजेंसियों के केंद्रों पर लगी रोक
कृषक हितकारी के पांच, ग्रीनकोर के दो, एसयूओ फार्मर्स के तीन, किसान ज्योति के एक, यूपी एग्रो के 13, भारतीय खाद्य निगम के एक क्रय केंद्र
पहले यूपी एग्रो के एक, एनसीसीएफ के पांच, नैफेड के सात, कृषक हितकारी का एक और पीसीयू के दो क्रय केंद्रों पर किसानों को भुगतान न करने पर रोक लगा दी गई थी। अब 25 और क्रय केंद्रों पर और रोक लगाई गई है। - रमेश श्रीवास्तव, डिप्टी आरएमओ