खनन विभाग के वित्तीय और खनन कार्यों की जांच को आई निदेशालय की टीम शुक्रवार को लौट गई। जिले में बकाया वसूली फिसड्डी होना पाया है। जिसके लिए टास्क फोर्स का गठन होगा। निदेशालय को आडिट की रिपोर्ट टीम सौंपेगी।
खनिज विभाग के वित्तीय और खनन संबंधी कार्यों की जांच के लिए गुरुवार को निदेशालय की टीम आई थी। टीम ने दो दिन में खनन विभाग के दस्तावेजों की पड़ताल की। टीम ने ईंट भट्ठों और मौरंग खदान पट्टेधारकों से बकाया वसूली की खामी पकड़ी है।
दरअसल पिछले सत्र में मौरंग खदानों के कुछ पट्टा धारकों ने खनन जारी रखा था और किस्त नहीं जमा की थी। मानसून सत्र में करीब एक करोड़ की किस्त जमा किए बगैर ही पट्टेधारक चले गए। इसी तरह करीब 122 ईंट भट्ठों का करीब तीन करोड़ खनन का राजस्व बकाया है। इसके अलावा भी कई मामलों की टीम ने छानबीन के बाद रिपोर्ट तैयार की है। वर्तमान में करीब सात खनन पट्टों का संचालन शुरू हुआ है।
आडिटर रोहित सोनकर पट्टों की ई टेंडरिंग में वित्तीय अभिलेखों की जांच के बाद लखनऊ निदेशालय लौटे हैं। खनन अधिकारी मिथलेश पांडेय ने बताया कि वसूली के लिए आरसी पहले ही काटी जा चुकी है। टास्क फोर्स गठित कर वसूली कराई जाएगी।