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कांसेप्ट क्लीयर होने तक रोज की पढ़ाई, पाया मुकाम

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फतेहपुर। जिले में 98.2 फीसदी अंक लेकर दूसरे स्थान पर रहे अनुज गुप्ता आईएएस बनना चाहते हैं। वे कहते हैं कि कांसेप्ट क्लीयर कर घर में चार से पांच घंटे पढ़ाई जरूर करें। मोबाइल का इस्तेमाल पढ़ाई के लिए करें। उन्होंने कभी फेसबुक पर इस्तेमाल नहीं किया। व्हाट्सएप पर शिक्षकों के साथ ग्रुप बनाकर पढ़ाई की।
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अनुज के पिता संतोष कुमार गुप्ता उत्तर प्रदेश बड़ौदा पूर्वी बैंक शाखा बहुआ में प्रबंधक हैं। इनकी मां शशिप्रभा ग्रहणी हैं। दो बड़ी बहने हैं। सबसे बड़ी बहन सौम्या गुप्ता शादी के बाद डीएलएड कर रही हैं। दूसरी बहन अंकिता गुप्ता प्रयागराज विवि. से बीएससी करने के बाद नौकरी की तैयारी कर रही हैं। अनुज अबने मोबाइल का उपयोग व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से आनलाइन पढ़ाई करने में करते हैं। फेसबुक नहीं चलाते हैं। वे माता-पिता से दूर रहकर इंजीनियर की नौकरी नहीं करना चाहते। इसलिए आईएएस बनकर माता-पिता को साथ रखकर सेवा करना चाहते हैं। उन्हें कैरम बोर्ड और बैडमिंटन खेलना पसंद है। वे कहते हैं कि अधिक समय तक पढ़ाई करने से कोई लाभ नहीं मिलता है। पढ़ाई तबतक की जाए, जबतक किसी भी विषय का कांसेप्ट क्लीयर न हो जाए। उन्होंने औसत चार से पांच घंटे पढ़ाई रोज की है। उनका कहना है कोरोना काल में स्कूल कालेज बंद हैं। ऐसे में आनलाइन पढ़ाई के लिए एंड्रायड फोन छात्र-छात्राओं की आवश्यकता है। जरूरत इस बात की है कि अभिभावक बच्चे को दिए गए फोन की निगरानी जरूर करें। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पसंद करते हैं।
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