फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पानी के बजाय तालाबों में उड़ रही धूल

विज्ञापन
विजयीपुर ब्लाक के अमनी गांव का आदर्श तालाब भी मिला सूखा। संवाद - फोटो : FATEHPUR
विज्ञापन
फतेहपुर। अमृत सरोवर योजना के तहत सरकार तालाबों का सौंदर्यीकरण करने में जुटी है, लेकिन उन पुराने तालाबों प एक नजर डाली जाए, जिन पर लाखों खर्च के बाद भी आज पानी के स्थान पर कीचड़, गंदगी या फिर धूल ही उड़ती दिखाई देती है। स्थिति यह है कि पंचायतों में बनवाये गए ज्यादातर मॉडल तालाब जिम्मेदारों की उदासीनता से सफेद हाथी साबित हो रहे है।
विज्ञापन

जरूरत के वक्त इनमें कहीं पानी के बजाय धूल उड़ रही है तो कहीं पानी है तो लेकिन प्रयोग करने लायक नहीं है। लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद मवेशियों को पीने के लिए पानी नहीं मिल रहा है।
इन मॉडल तालाबों के चारो ओर छायादार वृक्ष लगाए गए थे। ताकि गर्मी के दिनों में पशु पक्षी यहां आकर पानी पिएं और उन्हें छाया मिल सके। लोगों के बैठने के लिए सीमेंट के पटले बनाकर गेट लगाया गया था। मॉडल तालाब बनाने के लिए हर साल लाखों रुपये तो खर्च कर दिया जाता है, लेकिन शासन का उद्देश्य कारगर नहीं हो रहा है।
विज्ञापन

बिंदकी क्षेत्र के पूरनपुर गांव का राज राजेश्वर बाबा तालाब पांच साल पहले करीब छह लाख रुपए से आदर्श तालाब बनाया गया था। इसमें चारों तरफ तार खिंचवाए और लोगों को बैठने के लिए बेंच निर्माण कराया गया था। चारों तरफ लगाए गए तार तो गायब हो चुके हैं और बेंच भी टूट चुकी हैं।
नगर पालिका भवन बिंदकी के पीछे स्थित ऐतिहासिक पक्के तालाब के जीर्णोद्धार के लिए करीब एक साल पहले डेढ़ करोड़ रुपए अवमुक्त की गई थी। सिल्ट सफाई और लाइट के खंभे लगाने के बाद काम रुक गया। इतनी भारी भरकम धनराशि पानी में चली गई और मौके पर कोई कायाकल्प नहीं दिखा।
ऐराया ब्लाक के कसरेहटा गांव का आदर्श तालाब ग्राम पंचायत द्वारा कराया गया था। लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी तालाब की तली में गंदा पानी भरा है। वह भी इसी तरह की गर्मी रही तो सप्ताह भीतर ही गंदा पानी भी सूख जाएगा। इसके बावजूद भी तालाब में पानी भराने की पहल नहीं की जा रही है।
कौंडर गांव में दो साल पहले तालाब खुदाई में करीब चार लाख रुपये खर्च किए गए थे। नहरी क्षेत्र होने पर भी तालाब में धूल उड़ रही है। अब इसी तालाब को अमृत सरोवर बनाने के लिए खुदाई का काम शुरू करा दिया गया है। अब इसमें करीब 18 लाख रुपये खर्च किया जाएगा।
विजयीपुर ब्लाक के अमनी गांव का आदर्श तालाब सूखा पड़ा है। इसमें छह लाख रुपये मनरेगा से खुदाई कराई गई थी, लेकिन तालाब में न तो बारिश का पानी संचयन होने की सुविधा है और न ही ट्यूबवेल से गर्मी में पानी भराया जाता है। पानी के सरकारी बजट को बहाया तो जाता है, लेकिन गर्मी में धूल उड़ती दिखाई देती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें