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1.98 करोड़ कर दिए खर्च लेकिन टेल तक नहीं पहुंचा पानी

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1- नहर में लगाने के लिए आई सालों से डंप पत्थर की पटिया
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2- नवीनीकरण के बाद पंप कैनाल दपसौरा में मौजूद कर्मी
1.98 करोड़ खर्च लेकिन टेल तक नहीं पहुंचा पानी
क्रासर
नहर की सिल्ट सफाई न होने से मवई और धाना के किसान सिंचाई से वंचित
राज्यमंत्री जय कुमार सिंह जैकी ने जांच कराने की कही बात
संवाद न्यूज एजेंसी
अमौली। ब्लाक क्षेत्र के दपसौरा पंप कैनाल के नवीनीकरण पर एक करोड़ 98 लाख रुपये खर्च हो गए, लेकिन इसका फायदा किसानों को नहीं मिल पाया। साढ़े छह किलोमीटर लंबी इस कैनाल के टेल तक पानी आज तक नहीं पहुंच सका है। किसानों का कहना है कि ठेकेदार ने साढ़े तीन किमी तक ही सफाई की और फिर काम बंद कर दिया।
यमुना नदी में लगा दपसौरा पंप कैनाल किसानों की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर रही है। युग पुरुष स्वामी परमानंद महराज और क्षेत्रीय विधायक कारागार राज्यमंत्री जयकुमार सिंह जैकी के प्रयास से एक करोड़ 98 लाख की लागत से पंप कैनाल का नवीनीकरण का काम करीब छह माह पहले शुरू हुआ था। इस धनराशि से जो काम हुए उसमें तीनों पंपों की मरम्मत, तीन नए बार्ज और पाइप लाइन का काम, इसके अलावा कैनाल की सफाई का काम होना था। ठेकेदार ने कैनाल की सफाई के काम में ही खेल कर दिया। उसने साढ़े छह किमी की कैनाल को सिर्फ साढ़े तीन किमी तक ही साफ किया। बाकी तीन किमी का हिस्सा ऐसे ही छोड़ दिया। जहां तक सिल्ट साफ हुई पानी वहां तक तो पहुंच जाता है लेकिन आगे सिल्ट के कारण ऊंचाई हो जाने से पानी आगे नहीं बढ़ता। कैनाल में जब लोड बढ़ता है तो खांदी भी जगह-जगह कटने लगती है। इससे भी किसानों को समस्या उठानी पड़ती है।
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इनसेट....
3500 एकड़ खेतों की होती है सिंचाई
इस कैनाल से दपसौरा, तारन डेरा, रुस्तमपुर, मवई धाम, धाना आदि गांवों के 3500 एकड़ खेतों की सिंचाई होती है लेकिन सिल्ट पूरी तरह साफ न होने के कारण पानी रुस्तमपुर से आगे नहीं बढ़ पा रहा है। इससे मवई धाम और धाना गांव के किसानों को सिंचाई का लाभ नहीं मिल पा रहा है। मवईधाम के पूर्व प्रधान प्रतिनिधि सुशील सिंह ने बताया कि सालों से मवई से धाना तक की तीन किमी कैनाल की सिल्ट सफाई नहीं हुई। इससे कैनाल की तलहटी ऊंची हो गई है और पानी आगे नहीं बढ़ पाता है। इससे पहले ही पटरी फट जाती है, जिससे पानी भरने से फसलों को नुकसान होता है। धाना निवासी भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष मनोज निषाद ने बताया कि नहर में बिछाने के लिए हजारों पटिया डंप हैं। अगर यह पटिया नहर की तलहटी के साथ दोनों किनारों में लगा दी जाएं तो समस्या हल हो जाएगी।
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पूरे मामले की कराएंगे जांच- राज्यमंत्री
क्षेत्रीय विधायक एवं कारागार राज्यमंत्री जय कुमार सिंह जैकी ने बताया कि पटिया डंप होने की जानकारी नहीं है। पटिया क्यों नहीं लगाई गईं और कैनाल आधी ही साफ क्यों नहीं कराई गई, इसकी जांच कराई जाएगी। इस बार टेल तक सफाई होनी थी। जांच के बाद जो भी दोषी मिलेगा उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।
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सिंचाई विभाग के नोडल अधिकारी नंद जी गुप्ता ने बताया कि यह पंप कैनाल कानपुर से संचालित होती है। किसानों की समस्या संज्ञान में आई है। इस संबंध में कानपुर के अधिकारियों को पत्र लिखकर अवगत कराया जाएगा।
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