खागा। हाईवे के निर्माणाधीन लेन पर पीपल के पत्ते बीन रही एक वृद्धा को जेसीबी ने कुचल दिया। उसकी अस्पताल में मौत हो गई। वृद्धा करीब आधे घंटे तक सीएचसी के गेट पर तड़पती रही। इस दौरान न तो पुलिस अस्पताल पहुंची और न ही स्वास्थ्य कर्मी। आधे घंटे तड़पने के बाद महिला का इलाज हुआ, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।
खागा कस्बे के न्यून गढ़ी निवासी विशाल की पत्नी राजरानी(60) बाईपास पर एक होटल के सामने हाईवे की निर्माणाधीन पुलिया पर पीपल के पत्ते उठा रही थी। यहीं पर एक जेसीबी सड़क किनारे लगे पीपल के पेड़ों को काट कर गिरा रही थी। पत्ते उठाते-उठाते महिला जेसीबी के पीछे आ गई और झुक कर पत्ते उठा रही थी। तभी अचानक जेसीबी के चालक ने जेसीबी को पीछे कर दिया। राजरानी टायर के नीचे दब गई। पहिया उसके पेट, हाथ व एक पैर को कुचलते हुए निकल गया। यह देख लोग दौड़ पड़े। उसे तुरंत ई-रिक्शा पर लादकर हरदों अस्पताल ले गए। परिजन अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां कोई भी नहीं मिला। डॉक्टर से लेकर फार्मासिस्ट व अन्य सभी गायब दिखे। खास बात यह रही कि घटनास्थल पर देर से पहुंची पुलिस अस्पताल भी नहीं आ सकी। आधा घंटे तक तड़पने के बाद परिजनों ने शोर मचाया तो स्वास्थ्य कर्मी आ गए। इलाज हुआ और उसे रेफर किया गया। इससे पहले की परिजन अस्पताल से निकल पाते, वृद्धा की मौत हो गई। यह देख परिजन बिलख पड़े। कस्बा इंचार्ज प्रवीण दुबे ने बताया कि वृद्धा की मौत हो गई है और जेसीबी को कब्जे में ले लिया गया है।
ंबुलेंस चालकों की हड़ताल को लेकर लोगों को खासा परेशान होना पड़ा। एंबुलेंस सेवा न होने से बहुत कम ही लोग अस्पताल पहुंचे और इसी वजह से अस्पताल के कर्मचारी भी इधर-उधर बैठ गए। घायल वृद्धा को रेफर के बाद भी एंबुलेंस नहीं मिली। काफी देर तक परिजन एंबुलेंस की तलाश करते रहे।