कानपुर। चार साल से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विकास कुमार यादव (25) ने कहीं चयन न हो पाने से अवसाद में आकर रविवार सुबह फंदा लगाकर जान दे दी। वह शनिवार को अपने पिता पप्पू से मन घबराने की बात कहकर चकेरी अहिरवां निवासी मौसेरी बहन सोनू के घर गया था। वहां रात में घर से निकल गया। रविवार सुबह चकेरी के अहिरवां में रेलवे ट्रैक के किनारे पेड़ उसका शव फंदे से लटका मिला।
फतेहपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के वाजिदपुर रेवाड़ी बुजुर्ग निवासी विकास के परिवार में पिता पप्पू, मां सुनीता और बड़ा भाई शुभम हैं। पिता किसान हैं। विकास ने एनसीसी का पाठ्यक्रम भी किया था। एनसीसी के बाद वर्दी वाली नौकरी का सपना और मजबूत हो गया। स्नातक पूरा करने के बाद वह लगातार रक्षा भर्ती परीक्षाओं की तैयारी में जुटा रहा। बड़ा भाई शुभम भी उसके साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है। पिता के अनुसार हाल में परीक्षा परिणाम आया लेकिन विकास का चयन नहीं हुआ। इसके बाद उसके व्यवहार में बदलाव दिखने लगा।
वह पहले की तरह परिवार के लोगों से बातचीत नहीं करता था। चुप-चाप रहता और खाना भी कम कर दिया था। परिवार वालों ने उसे समझाया कि एक परीक्षा में असफलता से जिंदगी खत्म नहीं होती। आगे और मौके मिलेंगे। इसके बावजूद वह अपनी परेशानी से बाहर नहीं निकल सका। इंस्पेक्टर अजय प्रकाश मिश्रा के अनुसार परिजन ने परीक्षा में चयन न होने के बाद विकास के मानसिक तनाव में होने की बात बताई है।