फतेहपुर। विद्यालयों में मध्याह्न भोजन बनाने वाले रसोइयों का कार्यकाल बीस मई से समाप्त हो जाएगा। स्कूलों में नए सिरे से रसोइयों का चयन होगा। बताया जा रहा है इस चयन में स्कूलों में पढ़ने वाले अन्य गरीब बच्चों के अभिभावकों को भी मौका मिल सकता है। जिले भर के बेसिक स्कूलों में करीब 63 सौ रसोइयां हैं।
मध्याह्न भोजन प्राधिकरण ने स्कूलों में बच्चों के लिए भोजन पकाने के लिए एक हजार रुपए मासिक पर रसोइयों की नियुक्ति कर रखी है। शासनादेश के मुताबिक हर साल नए सिरे से नए रसोइयों की नियुक्ति होनी चाहिए। अभी तक कार्यरत अधिकतर रसोइयों का ही काम आगे बढ़ाया जा रहा था लेकिन अब नए सिरे से नियुक्ति की प्रक्रिया होगी। 20 मई से जिले की सभी रसोइयों का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा उसके बाद नई नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू होगी। बीस मई से पूर्व ही खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से ग्राम शिक्षा समितियों को इस बाबत पत्र भेजा जा रहा है।
पत्र में स्पष्ट किया गया है कि रसोइयों के चयन में आरक्षण व्यवस्था का अनुपालन करते हुए उन्हीं महिलाओं का चयन किया जाए, जिनके बच्चे संबंधित स्कूलों में शिक्षारत हों। नियुक्ति प्रक्रिया में विधवा, तलाकशुदा को प्राथमिकता दी जाए। दूसरी महिलाओं से आवेदन लेकर नए सिरे से चयन किया जाए। विशेष परिस्थितियों में ही पुराने रसोइयों को दोबारा चयन प्रक्रिया में शामिल किया जाए।
बेसिक शिक्षा अधिकारी राजुकमार पंडित का कहना है कि शासनादेश के अनुपालन में ग्राम शिक्षा समितियों को नए सिरे से रसोइयों का चयन करने के लिए पत्र भेजे जा रहे हैं। हर हालत में चयन प्रक्रिया जून के अंत तक पूरी की जानी है। नई प्रक्रिया से रसोइयां चयन में आती रही पक्षपातपूर्ण कार्रवाइयों पर भी विराम लगेगा। उन महिलाओं को भी मौका मिलेगा जो रसोइयां के रूप में विद्यालयों में खाना पकाना चाहती थी पर किन्हीं कारणोंवश मौका नहीं मिल सका था।