खागा। उपनिबंधक कार्यालय में मंगलवार को एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई में कनिष्ठ सहायक राहुल कुमार बौद्ध के एक लाख रुपये की रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद बुधवार को बदले माहौल में रजिस्ट्री का काम शुरू हुआ। कार्रवाई के बाद मंगलवार को रजिस्ट्री का काम बंद हो गया था। टीम के पहुंचने तक उस दिन 11 रजिस्ट्रियां ही हो सकी थीं।
बुधवार को तत्कालीन व्यवस्था के तहत बिंदकी से आए लिपिक प्रतिभान श्रीवास्तव को रजिस्ट्री कार्य में लगाया गया। उपनिबंधक उर्वरा शक्ति भी कार्यालय में ड्यूटी पर मौजूद रहीं। पूरे दिन रजिस्ट्री प्रक्रिया में विशेष सतर्कता बरती गई। दस्तावेजों की जांच से लेकर रजिस्ट्री की प्रक्रिया तक नियम-कायदों का बारीकी से पालन किया गया।
कार्रवाई के बाद कार्यालय का माहौल बदला-बदला नजर आया। मंगलवार की कार्रवाई को लेकर कार्यालय में दिनभर चर्चाओं का दौर भी चलता रहा। आमतौर पर उपनिबंधक कार्यालय में प्रतिदिन करीब 50 से 55 रजिस्ट्रियां होती हैं लेकिन कार्रवाई के अगले दिन बढ़ी सतर्कता और बदले माहौल के बीच 29 रजिस्ट्रियां ही हो सकीं।
उपनिबंधक उर्वरा शक्ति ने कहा कि कुछ लोग अनावश्यक रूप से बयानबाजी कर रहे हैं जबकि उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को निराधार बताया।
वसूली के आरोपों को लेकर पहले भी हुआ था विरोध
निबंधन कार्यालय के कर्मचारियों पर पूर्व में भी वसूली के आरोप लगते रहे हैं। वर्ष 2025 में तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार और अन्य समस्याओं को लेकर मॉडल बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने 41 दिन तक हड़ताल कर प्रदर्शन किया था। अधिवक्ताओं ने 11 बिंदुओं की मांगों को लेकर आंदोलन किया था। इसमें निबंधन कार्यालय में वसूली समेत अन्य अनियमितताओं का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया था। हड़ताल के दौरान अधिवक्ताओं की मांग पर एसडीएम के पेशकार ज्ञानेंद्र का स्थानांतरण किया गया था। साथ ही निबंधन कार्यालय में कार्यरत निजी कर्मचारियों को हटाया गया था। नगर समेत कई गांवों में सर्किल रेट में गड़बड़ी की शिकायतों को भी दुरुस्त कराया गया था। लंबे आंदोलन के बाद प्रशासन की ओर से कई मांगों पर कार्रवाई की गई थी।