फतेहपुर। शहर से बिंदकी को जोड़ने वाले मुगल मार्ग की तीन माह पहले मरम्मत की गई थी। फिर भी यह सड़क अब चलने लायक नहीं रह गई है। इस सड़क में नौ किलोमीटर में 190 गड्ढे बन गए हैं। 20 गड्ढे तो एक फीट से भी ज्यादा गहरे हैं। फिर भी लोक निर्माण विभाग के अधिकारी को इसकी जानकारी नहीं है। उनका कहना है कि इस बारे में जानकारी करेंगे।
वहीं, सड़क की हालत ऐसी हो गई है कि कई लोगों ने इस मार्ग से आवागमन बंद दिया है। वह पांच-छह किलोमीटर का और चक्कर लगाकर हाईवे से आ जा रहे हैं। इससे उनका समय अधिक लग रहा है। पेट्रोल-डीजल भी अधिक फुंक रहा है।
मुगल मार्ग पर महर्षि विद्या मंदिर, कोराई, अस्ते, चौहान नगर, चखेड़ी समेत दर्जन भर से अधिक गांव हैं। इन गांवों के लोगों का हर रोज शहर आना-जाना लगा रहता है। महर्षि विद्या मंदिर से लेकर कुंवरपुर रोड की दूरी करीब नौ किलोमीटर है। इस दूरी में यह मार्ग एकदम से जर्जर हो चुका है। गिट्टियां उखड़ी पड़ी हैं। कई बार लोग गड्ढों में गिरकर या गिट्टियों पर फिसलकर चोटिल हो चुके हैं।
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कम दूरी होने से अपनाते हैं यह मार्ग
मुगल मार्ग से जान पर फतेहपुर से बिंदकी की दूरी करीब 22 किलोमीटर पड़ती है। वहीं, हाईवे से यह दूरी 26 से 27 किलोमीटर हो जाती है। कम दूरी होने के कारण जनपद से आने-जाने वाले लोग इसी मार्ग का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन यह सफर कष्टदायी हो गया है।
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हाईवे पर जाम लगने पर वैकल्पिक मार्ग के रूप में होता है उपयोग
महाकुंभ के दौरान कानपुर, झांसी व अन्य स्थानों से आने वाले वाहन नेशनल हाईवे पर जाम से बचने के लिए इसी रास्ते का उपयोग कर रहे थे। कई बड़े अधिकारी बिंदकी जाने के लिए इसी रास्ते से आते-जाते हैं, लेकिन अफसरों का ध्यान इस सड़क की हालत पर नहीं जाता है।
मजबूरी में अपना रहे लंबा रास्ता
राधानगर निवासी पंकज दुबे बताते हैं कि बिंदकी जाने के लिए प्रतिदिन मुगल रोड से आते-जाते हैं। सड़क में बड़े-बड़े गड्ढे होने पर अब मजबूरी में हाईवे से आ जा रहे हैं। हाईवे से आवागमन में समय ज्यादा लगता है।
.चखेड़ी निवासी युवक सोनी ने बताया कि गांव के पास सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। कई बार शहर जाते समय बाइक से गड्ढों में गिरकर चोटिल हो चुके हैं। पिछले दिनों पैचिंग का काम हुआ था, लेकिन काम समझ में नहीं आ रहा है। सड़क अब ज्यादा खराब हो गई है।
-मुगल मार्ग में गड्ढे हो गए हैं और गिट्टियां फैल गई हैं, इसकी जानकारी नहीं है। मामले में एक्सईएन से जानकारी ली जाएगी।
-एसके गौतम, अधीक्षण अभियंता, पीडब्ल्यूडी