फतेहपुर। होली के पर्व पर जमकर अबीर, गुलाल और रंग उड़ा। लोगों ने रंगोत्सव में सेहत का भी ध्यान रखा। इस बार एक करोड़ तीस लाख से अधिक के हर्बल रंग, गुलाल और अबीर की बिक्री हुई, जो पिछले साल की तुलना में अधिक है। इस बार त्वचा के मरीज भी बहुत कम संख्या में अस्पताल पहुंचे।
जिले भर में छोटी-बड़ी मिलाकर लगभग 650 से अधिक रंगों और उससे जुड़े सामानों की दुकानें लगीं थी। लोगों ने हर्बल उत्पादों की जमकर खरीदारी की। लगभग एक करोड़ तीस लाख रुपये के हर्बल रंग खरीदे गए। पिछले साल करीब एक करोड़ रुपये के हर्बल रंग बिके थे। वर्ष 2023 में इसकी बिक्री 40 लाख रुपये थी।
लोगों को केमिकल रंगों से होने वाले नुकसान के प्रति लगातार जागरूक किया गया। जागरूकता का असर इस साल होली के पर्व पर देखने को मिला। अन्य रंगों और गुलाल के साथ हर्बल रंगों की बिक्री भी बराबर रही। हर साल केमिकल रंगों और गुलाल की बिक्री दो करोड़ रुपये तक होती थी। जिला अस्पताल की स्किन डॉक्टर रूबीना ने बताया कि इस बार होली के बाद स्किन से जुड़े नए मामले कम ही सामने आए हैं। हर्बल रंग के फायदे लोगों को समझ में आ रहे हैं।