कंपिल। चचेरी बहन के गंभीर आरोपों से घिरे युवक की सिर में गोली लगने से मौत हो गई। परिजनों ने चाचा पर हत्या करने का आरोप लगाया। शव के पास ही तमंचा पड़ा मिलने से पुलिस मामले को आत्महत्या मानकर जांच कर रही है।
गांव सिकंदरपुर तिहैया निवासी हरिनाम (19) खेती करता था। सोमवार को हरिनाम के मक्के के खेत में चाचा के बैल घुस गए थे। इस पर दोनों के बीच कहासुनी हुई थी। इसके बाद चाचा की पुत्री ने थाने जाकर हरिनाम पर गंभीर आरोप लगाकर तहरीर दी थी। इसकी पंचायत के लिए हरिनाम बुधवार सुबह आठ बजे चाचा के घर गया। बात न बनने पर घर लौट आया। थोड़ी देर बाद हरिनाम घायल हालत में घर के बाहर सड़क पर पड़ा मिला। कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। उसके सिर में गोली लगी थी। शव के पास खून पड़ा था। पास में ही तमंचा पड़ा था।
सूचना पर पहुंची पुलिस को हरिनाम के भाई रामबेटा ने बताया कि चाचा से रंजिश है। हरिनाम सुबह दरवाजे पर खड़ा था। तभी चाचा दो तीन लोगों के साथ पहुंचे और गोली मार दी। हरिनाम की मौत पर मां अनंता देवी, बहन लक्ष्मी रो रोकर बेहाल हो गईं। हरिनाम दो भाइयों व एक बहन में सबसे छोटा था। घटनास्थल पर छानबीन के बाद सीओ सोहराब आलम ने बताया कि परिवार के लोगों से ही हरिनाम का विवाद हुआ था। शुरूआती जांच में पता चला है कि विवाद की पंचायत में समझौता न होने पर हरिनाम में गोली मारकर आत्महत्या कर ली है।
पंचायत में चाचा ने दी थी जान से मारने की धमकी
- भाई रामबेटा ने बताया कि बहन लक्ष्मी की चार जुलाई को बरात आनी थी। सभी शादी की तैयारी में लगे थे। इसलिए हरिनाम चाचा से विवाद नहीं चाहता था। चचेरी बहन की तहरीर के बाद हरिनाम परेशान था। बुधवार सुबह गांव के दस लोगों को साथ लेकर हरिनाम चाचा के घर पंचायत के लिए गया। उसने कई बार चाचा के पैर पकड़े, माफी भी मांगी। यह भी कहा कि सुलहनामा का सारा खर्च वह देगा, लेकिन चाचा नहीं माने। धमकी दी कि दो बीघा खेत बेच कर उसे गोली मारकर ही दम लेंगे।
पुलिस से बहन बोली, अब ले जाओ भाई को ...
पुलिस को देखते ही हरिनाम की बहन लक्ष्मी भड़क गई और आरोप लगाया कि पुलिस दो दिन से भाई को परेशान कर रही थी। पुलिस मंगलवार को भी आई और भाई को तलाशने के लिए सीधे घर में घुस गई। बहन पुलिस से बोली ये पड़ा है मेरा भाई। अब ले जाओ इसको। इस पर एसओ की लक्ष्मी से तकरार हुई। चचेरे भाई अरविंद ने लक्ष्मी को शांत किया।
तमंचे ने उलझाई कहानी
शव के पास ही खुले पड़े तमंचे से कारतूस का खोखा गायब था। पुलिस ने आसपास कारतूस का खोखा तलाश किया, पर नहीं मिला। पुलिस का मानना था कि तमंचे से छेड़छाड़ हुई है। मामला आत्महत्या का मानकर पुलिस ने परिजनों से सवाल किए। भाई ने तमंचे में कारतूस का खोखा न देखने की बात कही। जबकि हरिनाम की भाभी ने जानकारी दी कि तमंचे में खोखा था। किसने गायब किया। उसे नहीं मालूम।
एक माह से धधक रही थी आग
- हरिनाम का चाचा अपने घर के बाहर ही बैठा था। चाचा ने बताया हरिनाम के भाई ने उसके पुत्र विवेक से एक माह पूर्व दस हजार रुपये उधार लिए थे, जिसका तगादा करने पर उसने विवेक को मारपीट कर घायल कर दिया था। दो दिन पूर्व खेत में बैल चले जाने पर फिर मारपीट हुई थी। हत्या का आरोप झूठा है।