गोवंश के संरक्षण व लोगों को अन्ना मवेशियों से निजात दिलाने के लिए जिले में 26 गो सदनों का निर्माण कराया जाएगा। सभी सात ब्लाकों में से नवाबगंज में दो व शेष में चार-चार गो सदन बनेंगे। 19 गो सदनों के लिए भूमि भी चिह्नित की जा चुकी। इनका निर्माण मनरेगा व कन्वर्जेंस के सहयोग से कराया जाएगा।
सरकार गो संरक्षण पर विशेष जोर दे रही है। इसके लिए शासन से गो सदन व चारागाह के निर्माण कराए जा रहे हैं। मोहम्मदाबाद क्षेत्र के नवादा दोयम गांव में वृहद गो संरक्षण केंद्र का निर्माण कराने की तैयारी है। वहीं सभी ब्लाकों में 26 गो सदन बनाए जाएंगे। इसके निर्माण के लिए मनरेगा को भूमि समतलीकरण, खांईबंदी, नाद निर्माण, पौधारोपण व चारा व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई। मनरेगा द्वारा प्रति गो सदन चार से पांच लाख खर्च का इस्टीमेट बनाया गया है। जबकि शेष धनराशि कन्वर्जेंस से खर्च होगी। इसमें ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत, राज्यवित्त, 14वां वित्त, भूमि संरक्षण, वन विभाग व खनन विभाग की सहभागिता रहेगी। एक गो सदन में 80 गोवंश रखने की क्षमता होगी।
इन गांवों में होगा निर्माण
विकास खंड बढ़पुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत याकूतगंज, बसेली, जनैया सठैया, नेकपुर खुर्द, कमालगंज में सिंधौली, महमदपुर अचला, चौकी महमदपुर व माडल शंकर, मोहम्म्दाबाद में नगला बाग रठौरा, सतिवनपुर पिथू, दहेलिया, मौधा, राजेपुर में सरह, भाऊपुर चौरासी, कुड़री सारंगपुर व अमृतपुर, कायमगंज में सुल्तानपुर, पलनापुर, अताईपुर कोहना, बिराहिमपुर जागीर, महमदपुर सिनौड़ा, शमसाबाद में खगऊ, गदनपुर चैन, बक्सुरी, रम्पुरा, जबकि नवाबगंज में साहबगंज व रुखैया खालिकदादपुर में गो सदन बनाए जाएंगे। प्रत्येक गो सदन का निर्माण एक हेक्टेयर भूमि पर होगा।
इन गांवों में नहीं मिली भूमि
गो सदन के निर्माण को भूमि चयन में ब्लाक बढ़पुर व कमालगंज पिछड़ा है। जानकारी के अनुसार बढ़पुर के गांव बसेली, जनैया सठैया व नेकपुर खुर्द और कमालगंज में स्वीकृत चारों गो सदनों के लिए अभी भूमि नहीं मिली है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा. राज किशोर सिंह का कहना है कि गो सदनों के निर्माण के लिए मनरेगा सहित संबंधित विभागों से इस्टीमेट लिए जा रहे हैं।