फर्रुखाबाद। मोहम्मदाबाद क्षेत्र के गांव भरतामऊ में मिलावटी शराब पीने के बाद तीन लोगों की मौत की जांच दो ज्वाइंट कमिश्नरों ने की। आगरा व लखनऊ जोन के ज्वाइंट कमिश्नरों ने आबकारी अधिकारी से भी पूछताछ की।
मृतकों ने जिस बोतल से इंपीरियल ब्लू ब्रांड शराब पी थी, उसका क्यूआर कोड जांच में स्कैन नहीं हुआ, इससे बोतल में मिलावटी शराब की पुष्टि हुई है। ब्रांड ग्वालियर का बना बताया जा रहा है। इसके बाद अंग्रेजी शराब की अन्य दुकानों से नमूने लिए गए।
अंग्रेजी मिलावटी शराब पीने के बाद तीन लोगों की मौत होने के मामले की जांच के लिए आगरा जोन के संयुक्त आबकारी आयुक्त जैनेंद्र उपाध्याय व लखनऊ जोन के धीरज सिंह गुरुवार रात ही पहुंच गए थे। उनके साथ जनपद
कन्नौज के आबकारी अधिकारी अखिलेश तिवारी भी टीम के साथ आए। घटनास्थल पर खुली मिली हाफ बोतल की शराब की मिथाइल एल्कोहल किट से जांच की गई। इसमें शराब के मिलावटी होने की पुष्टि हुई। जब क्यूआर
कोड स्कैन किया गया तो वह भी स्कैन नहीं हुआ। संयुक्त आबकारी आयुक्त ने बताया कि घटनास्थल पर खुले मिले हाफ (बोतल) की शराब जांच में पूरी तरह मिलावटी साबित हुई है। जबकि उसी दुकान से इंपीरियल ब्लू
शराब के अन्य 10-11 हाफ व क्वार्टर का क्यूआर कोड स्कैन किया गया तो पता चला कि यह प्रोडक्ट ग्वालियर में बना है। बैच नंबर 1318 की शराब के जिले की सभी 61 दुकानों से नमूने लिए गए हैं। इन नमूनों की जांच एक्साइज की प्रयोगशाला लखनऊ में कराई जाएगी।
संयुक्त आबकारी आयुक्त लखनऊ धीरज सिंह व आगरा जोन के जैनेंद्र उपाध्याय ने बताया कि मिलावटी शराब बेचने के मामले में गहनता से जांच की जा रही है। मिलावटी शराब कहां से खरीदी गई, इसकी पुष्टि के बाद दुकान मालिक व सेल्समैन के खिलाफ और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दुकान निलंबित या निरस्त भी की जाएगी।
जनपद में अंग्रेजी शराब की 61 दुकानें हैं। अधिकारियों ने बताया कि जब इंपीरियल ब्लू ब्रांड के जितने भी नमूने लिए गए हैं, जब तक उनकी रिपोर्ट नहीं आ जाएगी, तब तक उक्त ब्रांड की बिक्री को प्रतिबंधित रखा जाएगा।
गुरुवार की शाम से ही ब्रांड की बिक्री पर रोक लगाने के साथ सभी दुकानें बंद करा दी गईं थीं। इधर, शुक्रवार सुबह से ही कुछ दुकानों से शराब की बिक्री शुरू कर दी गई। गांव रठौरा में दुकान सुबह से ही खुली नजर आई।
आबकारी अधिकारी राजेश प्रसाद ने बताया कि शुक्रवार दोपहर एक बजे तक 28 दुकानों की जांच की गई। इनमें तीन दुकानों पर इंपीरियल ब्लू शराब की एक भी बोतल नहीं मिली। जबकि 25 दुकानों से नमूने लेकर स्टाक नोट किया गया।
फर्रुखाबाद। अंग्रेजी शराब में मिलावट के लिए सेल्समैन चाय की पत्ती का इस्तेमाल करते हैं। चाय की पत्ती को पानी में डालकर उबाला जाता है। उबाले गए पानी में मिथाइल एल्कोहल को मिलाया जाता है। इसके बाद सर्वाधिक
चलन की शराब के क्वाटर व हॉफ से आधी शराब निकालकर उसमें चाय का पानी मिलाकर उसको पहले जैसा रंग देकर तैयार किया जाता है।
गुरुवार को भरमामऊ शराब के ठेके से खरीदकर लाई गई इंपीरियल ब्लू के क्वाटर व हॉफ के रंग अलग-अलग दिखाई दे रहे थे। हाफ में भरी शराब का रंग गहरा और क्वाटर रंग हल्क था। हॉफ से तीन पैग बने जिसको पीते ही
पशु व्यापारी सहित तीनों की मौत हो गई। माना जा रहा है कि हाफ बोतल की शराब पूरी तरह से मिलावटी थी, जबकि क्वार्टर की शराब सही भी हो सकती है।
जिस वक्त मोहम्मदाबाद के गांव अहिमलापुर में मिलावटी शराब पीने से तीन लोगों की मौत हुई, उस वक्त आबकारी कार्यालय गुब्बारों से सजा था। कर्मचारी आबकारी अधिकारी राजेश प्रसाद का जन्मदिन मना रहे थे। घटना की जानकारी होते ही अधिकारी व कर्मचारी घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े।
कोरोना काल में भी शराब माफियाओं ने काटी चांदी
दूने दामों पर बेची शराब, मामूली कार्रवाई में हुआ दामन साफ
संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। साल 2020 में कोरोना का संक्रमण तेज होने पर मार्च से मई तक शराब की दुकानें बंद थी। शराब माफियाओं ने बंदी के दौरान भी मंहगे दामों में शराब बेची। बोतलों को दुकानों के बजाय गुप्त स्थानों पर रखा गया। आवास विकास कालोनी में भारी मात्रा में शराब पकड़ी गई। इसके बाद भी किसी भी अंग्रेजी व देशी शराब के दुुकान मालिक के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। इससे शराब माफियाओं ने बंदी के दौरान चार गुनी रकम जुटा ली। चुनाव में भी शराब की बिक्री की गई और होली में मिलावटी शराब खपाने की तैयारी चल रही थी।