फर्रुखाबाद। गड्ढा मुक्त सड़कों के दावे शहर और सटे गांव में हवाई साबित हो रहे हैं। जर्जर मार्ग, गड्ढों में जलभराव से तीन मोहल्लों और सात गांवों के लोग बेहाल हैं। इसी मार्ग पर दो करोड़ की लागत से बने रिसोर्स सेंटर पर सभी बड़े-छोटे अफसर जाते हैं, मगर कोई सुध नहीं ले रहा। गड्ढों में दोपहिया वाहन व ई-रिक्शा का पलटना आम बात हो गई है। जिसके चलते हजारों ग्रामीणों का शहर से सुगम जुड़ाव टूट रहा है।
शहर के मोहल्ला आंबेडकरनगर, नरकसा, कृष्णानगर होकर गांव खानपुर जाने वाला मार्ग नीवलपुर, टटिया, माधौपुर, खानपुर कोठा समेत गंगा किनारे बसे छोटे-बड़े सात गांवों को जोड़ता है। इसी मार्ग पर दो साल पहले दो करोड़ की लागत से जिला पंचायत रिसोर्स सेंटर भी बनाया गया है। इस सेंटर पर मैनपुरी, इटावा और फर्रुखाबाद के सरकारी कर्मियों का आए दिन प्रशिक्षण होता है। इसके अलावा सात गांवों के लोगों का 24 घंटे इसी मार्ग पर आना-जाना होता है। आंबेडकरनगर तक मार्ग पर इंटरलॉकिंग है, मगर इसके बाद हालत बदतर है। यह मार्ग करीब 500 मीटर तक पूरी तरह गड्ढों में तब्दील है। नालियां न होने से सड़क पर जलभराव है। गड्ढों में पानी भरा है। यहां से गुजरने वाले ई-रिक्शा, टेंपो, दोपहिया वाहन आए दिन पलटते रहते हैं। कई बार लोग चुटहिल भी हो जाते हैं। रिसोर्स सेंटर पर कई बार विधायकों, जिलाधिकारी, सीडीओ समेत अन्य अफसरों का भी जाना हुआ, मगर मार्ग की मरम्मत कराने की जरूरत नहीं समझी गई।
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उपनिदेशक ने मार्ग निर्माण के लिए एएमए को लिखा पत्र
पिछले सप्ताह रिसोर्स सेंटर का कानपुर मंडल की उपनिदेशक पंचायत प्रवीणा चौधरी ने निरीक्षण किया था। मार्ग की बदतर हालत देख 16 दिसंबर को उन्होंने एएमए जिला पंचायत को पत्र लिखकर दुर्गा माता मंदिर से सड़क निर्माण कराने की बात कही थी।
फोटो-42, राजेश कुमार मिश्र
पूर्व सैनिक राजेश कुमार मिश्र कहते हैं कि कई साल से सड़क जर्जर है। कोई सुनने वाला नहीं है। कई वाहन गिरने पर हम लोग बचाते हैं। जनप्रतिनिधियों से कई बार सड़क बनवाने का आग्रह किया, मगर नहीं सुनी गई।
फोटो-43, हरीशंकर गुप्ता
किराना स्टोर संचालक हरीशंकर गुप्ता ने बताया कि बारिश में हालात बदतर होते हैं। सड़क खराब होने की वजह से उनकी दुकान भी नहीं चलती। समय काटने के लिए खोलकर बैठ जाते हैं। प्रशासन को शीघ्र ही सड़क बनवाना चाहिए।
-मार्ग की हालत काफी जर्जर है। फिलहाल 400 मीटर रोड को नापा गया है। इस पर सीसी रोड और दोनों ओर नालियां बनाने का प्रस्ताव है। बोर्ड की बैठक में पास होने के बाद निविदा आमंत्रित की जाएगी।
-स्वतंत्र वीर सिंह, जेई, जिला पंचायत फर्रुखाबाद।