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Farrukhabad News: घरों में दीवारें गिरीं, भूसा में पानी भरने से पशु बेहाल

Thu, 21 Aug 2025 11:42 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
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फोटो-38, साइकिल से पशुओं के लिए घास लेकर जाते ग्रामीण। संवाद
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फोटो-35, आशा की मड़ैया गांव को नाव से जाते लोग। संवाद
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कमालगंज। चाचूपुर की सड़क पर पानी घटने के बावजूद अभी दो फीट पानी बह रहा है। एक सप्ताह पहले मिली राशन किट का सामान अब खत्म होने को है। वहीं भूसा में पानी भरने से चारे की समस्या है। कई घरों की दीवारें भी गिर गईं हैं। वितरित हुई किट में रखे खाने के सामान में 10 किलो आटा, 10 किलो चावल था। बाढ़ पीड़ितों का कहना है कि यह सामान खत्म होने को है। विद्या देवी ने कहा कि बाढ़ का प्रकोप इस बार लंबा खिंचने से परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। चाचूपुर की मुख्य सड़क पर पौन फिट पानी कम हुआ पर अभी भी करीब दो फिट पानी चल रहा है। भूसा में पानी भर जाने से पशुओं को चारे की समस्या है। हरा चारा भी पशुओं को नहीं मिल पा रहा। मालती, रामबरन, रामऔतार के मकान की दीवार घर में पानी भरने से गिर गई। बहोरन टप्पा हवेली की प्रधान रामा देवी ने कहा कि किट में मिला सामान खत्म होने को है। एक बार और राहत सामग्री दिए जाने के लिए ग्रामीण मांग कर रहे हैं।

बाढ़ के पानी से सड़क पर हुए गड्ढे, फंस रहे वाहन
राजेपुर। कस्बे में शर्मा मार्केट के सामने गंगा की बाढ़ का पानी अभी भी भरा हुआ है। जलजमाव के चलते सड़क पर एक-एक फीट गहरे गड्ढे हो गए हैं। इन गड्ढों में वाहन फंस जाते हैं। बृहस्पतिवार को सुबह पांच बजे एक डीसीएम बाढ़ के कारण सड़क पर हुए गड्ढे में फंस गई। इसको क्रेन की सहायता से दोपहर करीब एक बजे निकाला जा सका। इसके बाद दो ट्रक, एक डीसीएम, एक बालू से भरा डंपर, और कई ट्रैक्टर-ट्राॅली फंस गई। बालू भरे डंपर को दो घंटे की मशक्कत के बाद जेसीबी से खाली कर निकाला जा सका। यहां पर दोपहिया वाहन के फंसने पर चोट लगना और कपड़े खराब होना आम हो गया है। गड्ढों में फंसकर वाहन तो क्षतिग्रस्त हो रहे हैं, जाम भी लग रहा है। पीडब्ल्यूडी के अवर अभियंता अंकित सिंह ने बताया कि पानी निकलने के बाद बाढ़ के कारण टूटे रोड की मरम्मत कराई जाएगी।
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डीएम से शिकायत के बाद भी नहीं मिला राशन

अमृतपुर। हंगामा करने के बाद भी बाढ़ पीड़ितों को राशन नहीं मिला। बाढ़ पीड़ित अब भी सरकारी इमदाद पाने के लिए प्रशासन की बाट जोह रहे हैं। तहसील क्षेत्र के गांव नगला केवल के ग्रामीणों ने संपूर्ण समाधान दिवस, डीएम आशुतोष द्विवेदी को प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की थी। शिकायत में स्थानीय लेखपाल पर राहत सामग्री वितरण में पक्षपात का आरोप लगाया गया था। डीएम ने एसडीएम को गांव में राशन वितरण कराने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद लेखपाल आदर्श कुमार की मनमानी के चलते राशन वितरण नहीं हुआ। बुधवार को ग्रामीणों ने लेखपाल के खिलाफ जमापुर पहुंच कर प्रदर्शन किया था। नायब तहसीलदार के आश्वासन पर ग्रामीण लौट गए थे। इसके बाद भी ग्राम पंचायत बहादुरपुर, तुसौर, मोहद्दीपुर, इमादपुर पमारान आदि गांव में अभी तक राशन वितरण नहीं हुआ है। एसडीएम संजय कुमार ने बताया कि जिन गांव में राशन वितरण नहीं हुआ है, वहां के लिए पांच सदस्यीय समिति बनाई गई है। समिति के सदस्यों को जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद गांव में राशन वितरण कराया जाएगा।
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10 किलो मीटर दूर से पशुओं के लिए ला रहे चारा

अमृतपुर। गंगा में आई बाढ़ के चलते पशुओं के चारे की समस्या दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों को करीब 10 किलोमीटर दूर से पशुओं के लिए खास और चारा लाना पड़ रहा है। गांव आशा की मड़ैया, रामपुर, जोगराजपुर, लायलपुर, बमियारी, अमीराबाद, कंचनपुर सबलपुर आदि गांव के ग्रामीण पशुओं के चारे के लिए 10 से 14 किलोमीटर दूर तक जा रहे हैं। ग्रामीण मनोज कुमार, सुखराम, राघवेंद्र, रामवीर, आशाराम आदि का कहना है कि गंगा में बाढ़ आने से सबसे ज्यादा पशुओं के चारे की किल्लत हो जाती है। पशुओं को जीवित रखने लिए रामगंगा पुल पार कर दूसरे जिले के खेतों से घास काट कर लाते हैं। घास लेने के लिए सुबह सात बजे से जाते हैं, दोपहर बाद तक लौटकर आना होता है।
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