फोटो-34, युवक आनंद कुमार को सकुशल निकालकर ले जाती वन विभाग की टीम।संवाद
शमसाबाद (फर्रुखाबाद)। जाको राखे साइयां, मार सकै न कोय वाली कहावत गुरुवार को चरितार्थ हो गई। गृहकलह से तंग आकर युवक बुधवार को गंगा नदी में कूद गया। तेज धार होने के बावजूद वह पानी के बीच झाड़ियों में फंस गया। गुरुवार तड़के वन विभाग की टीम ने युवक क सकुशल बाहर निकाला। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने युवक को परिजनों के सुपुर्द किया।
शाहजहांपुर जनपद कोतवाली जलालाबाद के गांव कलक्टरगंज निवासी आनंद कुमार (35) ने बुधवार दोपहर करीब तीन बजे ढाईघाट पुल के पास साइकिल खड़ी की। इसके बाद उसने गंगा नदी में छलांग लगा दी। तेज धार होने के चलते आनंद कुमार बह गए। ढाईघाट से करीब 200 मीटर दूर पानी के बीच झाड़ियों में आनंद कुमार फंस गए। मगर बाढ़ग्रस्त क्षेत्र होने के चलते किसी ने आनंद कुमार को कूदते नहीं देखा।
गुरुवार सुबह करीब आठ बजे ढाईघाट किनारे रहने वाला साधु-संत गंगा नदी स्नान करने पहुंचे तो उन्होंने झाड़ियों में युवक को फंसा देखा। उन्होंने पास में ही कैंप कर रही वन विभाग की टीम को सूचना दी। वन विभाग के कर्मचारियों ने दरोगा राकेश कुमार को अवगत कराया। वन दरोगा ने कर्मचारी सत्येंद्र यादव, धर्मेंद्र कुमार और बाबा को निर्देश दिए कि स्टीमर की व्यवस्था कराकर युवक को निकालें। वन विभाग के कर्मचारी स्टीमर लेकर पहुंचे और आनंद कुमार को बाहर निकाला। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस युवक को थाने लेकर आई। पुलिस ने युवक के परिजनों को सूचना दी। परिजन थाने पहुंचे। युवक ने बताया कि गृहकलह से तंग होकर आत्महत्या करने के लिए वह गंगा नदी में कूदा था। इस दौरान वह झाड़ियों में फंस गया। पुलिस ने युवक को हिदायत देकर परिजनों को सौंप दिया।
रात भर बचाओ-बचाओ कहकर चिल्लाता रहा आनंद
शमसाबाद। ढाईघाट के आसपास रहने वाले साधुसंतों ने बताया कि रात करीब आठ बजे युवक के बचाओ-बचाओ की आवाजें सुनाई दे रही थीं। मगर रात होने के चलते यह पता नहीं चल रहा था कि आवाजें कहां से आ रही हैं। बाढ़ग्रस्त क्षेत्र होने के चलते रात में जाना भी ठीक नहीं था। सुबह जब वे लोग गंगा स्नान करने के लिए गए तो ढाईघाट से 200 मीटर दूर पानी के बीच युवक को झाड़ियों में फंसा देखा। इस पर उन्होंने वन विभाग की टीम को सूचना दी। (संवाद)