फर्रुखाबाद। शहर में प्रस्तावित महायोजना-2031 (मास्टर प्लान) लोगों को रास नहीं आ रहा है। नक्शे पर अभी तक 500 से ज्यादा आपत्तियां दर्ज हो चुकी हैं। सबसे ज्यादा शिकायतें भू-उपयोग परिवर्तन पर हैं।
लोगों का कहना है कि जिस जगह पर लोगों के मकान बने हैं, वहां पर पार्क अगर बनाया जाएगा तो उनके आशियाने टूटेंगे। पार्क का निर्माण खाली जगह पर किया जाए। सोमवार को गांव सोताबहादुर के लोगों ने आबादी की जमीन पर प्रस्तावित पार्क पर आपत्ति भी लगाई है।
शहर को सुनियोजित और सुंदर बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने शहर का सर्वे कराकर मास्टर प्लान तैयार कराया है। हैदराबाद में सेटेलाइट के माध्यम से शहर का नक्शा तैयार हुआ है। इसके साथ ही जयपुर की एनके बिल्डकॉन कंपनी के अधिकारी व कर्मचारियों ने ड्रोन से सर्वे कर पार्क, सामुदायिक सुविधाएं, हरित पट्टी, ट्रांसपोर्ट आदि के लिए भूमि चिह्नित कर प्रस्ताव दिया है।
प्रशासन ने प्रस्तावित मास्टर प्लान को 17 जून को प्रदर्शित कर सार्वजनिक किया था और 16 जुलाई तक आपत्तियां व सुझाव मांगे हैं। प्रस्तावित मास्टर प्लान में भू-उपयोग परिवर्तन को लेकर सर्वाधिक आपत्तियां आ रही हैं। इसके साथ ही मास्टर प्लान में सड़क की चौड़ाई को काफी बढ़ाया गया है।
हरित पट्टी भी प्रस्तावित है। लोगों का कहना है कि पहले के नक्शे के हिसाब से मकान बने हुए हैं। अब सड़क की चौड़ाई को करीब दो गुना तक करने का प्रस्ताव है। ऐसा होने से मकान से साथ ही लोगों का व्यापार तहस-नहस हो जाएगा।
मकान टूटे तो आत्महत्या के अलावा कोई विकल्प नहीं
प्रस्तावित मास्टर प्लान में पांचालघाट स्थित गांव सोता बहादुरपुर में ग्रीन पार्क बनाने की योजना है। इसको लेकर गांव के बड़ी संख्या में लोग कलक्ट्रेट पहुंचे और विनियमित क्षेत्र कार्यालय में आपत्ति दर्ज कराई। क्षेत्र के नूर अली, नासिर अली और शाकिब बेग आदि ने कहा कि सोता बहादुरपुर में ग्रीन पार्क, रिवर फ्रंट डेवलपमेंट परियोजना प्रस्तावित की गई है। इससे गरीबों के मकान ध्वस्त हो जाएंगे।
गांव में 700 से अधिक मकान हैं। इसमें 15 हजार से अधिक लोग रहते हैं। एक दर्जन मंदिर, चार मस्जिद व तीन कब्रिस्तान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि निरीक्षण किए बिना ही नया नक्शा बनाया गया है। यदि उन लोगों के मकान ध्वस्त कर दिए गए तो आत्महत्या के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा। घर उजड़ने से बचाने के लिए ग्रामीणों ने नक्शा परिवर्तन करने की मांग की।
30 मीटर ही रखी जाए सड़क की चौड़ाई
शहर से सटे गांव ढिलावल निवासी राजेंद्र सिंह, अर्पित पाठक, संदीप, सूरजमुखी सहित 40 से अधिक लोगों ने जिलाधिकारी से शिकायत कर आपत्ति दर्ज कराई। कहा कि कायमगंज बाईपास रोड नये नक्शे में 52 मीटर दर्शायी गई है, जबकि सड़क की चौड़ाई 30 मीटर है।
इस रोड पर अधिकांश भवन सेवानिवृत्त कर्मचारियों के हैं। उनके पास अब नया भवन बनाने की गुंजाइश भी नहीं है। लोगों ने नए नक्शे में संशोधन कर सड़क की चौड़ाई 30 मीटर करने का अनुरोध किया है।