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Farrukhabad News: निविदा से 14 दिन पहले बदला 13.50 लाख का वाॅल्व

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फर्रुखाबाद। नगर पालिका परिषद में भ्रष्टाचार का एक और मामला सामने आया है। कंपनी बाग अवर जलाशय का सालों से खराब 13.50 लाख रुपये का स्लुइस वाॅल्व कार्यदायी संस्था से बदलवा लिया गया। इसके करीब 14 दिन बाद यानी नौ जुलाई को निविदा डाली गई। ठेकेदार और पालिका के जिम्मेदारों की मिलीभगत या इत्तेफाक, निविदा भी उसी कार्यदायी संस्था की निकली, जिसने वॉल्व लगाया था। बहरहाल यह साफ है कि पालिका में कई बड़े खेल हो रहे हैं।
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सत्ताधारी पार्टी के कब्जे वाली नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी विनोद कुमार ने 25 जून को विभागीय पत्र जारी किया था। उसमें कहा था कि फतेहगढ़ के कंपनी बाग के अवर जलाशय की मुख्य सप्लाई का स्लुइस वाॅल्व खराब हो गया है। इसके स्थान पर नया वॉल्व लगाया जाना है। इससे 27 जून की सुबह पेयजलापूर्ति मिलने के बाद 29 जून तक करीब 12 मोहल्लों की आपूर्ति बाधित रहेगी।
हालांकि कार्यदायी संस्था यह काम एक जुलाई तक पूरा कर सकी थी। इसके बाद पालिका ने एक 13.50 लाख रुपये की ऑनलाइन निविदा मांगी। इसका नौ जुलाई शाम तक का समय रखा गया। इस निविदा में 400 एमएम स्लुइस वाॅल्व सप्लाई और लगवाने का काम कराया जाना था। नौ जुलाई की रात में यह निविदा खोली गई। इसे इत्तिफाक कहें अथवा मिलीभगत। यह निविदा उसी संस्था की निकली, जिससे वॉल्व मंगवाकर लगवाया गया था। निविदा मांगने से पहले काम कराने के मामले सामने आने से भ्रष्टाचार को नकारा नहीं जा सकता।
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- निविदा से पहले स्लुइस वॉल्व लगवाने की जानकारी नहीं है। वह इस मामले की एक टीम बनाकर जांच करवाएंगे। जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई की जाएगी। कार्यदायी संस्थाओं पर भी कार्रवाई संभव है।
- सुभाष चंद्र प्रजापति, एडीएम वित्त एवं राजस्व

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टेंडर खोले बिना लग रहे नलकूप का काम रोका
-कागजी खानापूरी की माथा पच्ची में जुटे जिम्मेदार
संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। नगर क्षेत्र में टेंडर खोलने से पहले ही लग रहे 67.41 लाख रुपये के मिनी नलकूप की दूसरी बोरिंग में पाइप डालने का काम रोक दिया गया है। अब पालिका के जिम्मेदार कागजी खानापूरी करने की माथापच्ची में जुटे हैं। हालांकि 22.47 लाख रुपये कीमत की एक बोरिंग पहले पूरी की जा चुकी है।
भाजपा के खाते में जा चुकी नगर पालिका परिषद में टेंडर खोलने से पहले ही 67.41 लाख रुपये के तीन नलकूप लगाने का अमर उजाला ने 10 जुलाई के अंक में खुलासा किया था। इसके बाद से जिम्मेदारों में खलबली मची हुई है। गणेश प्रसाद स्ट्रीट में बोरिंग का काम पूरा करने के बाद अभी भी मुख्य गली बंद पड़ी है। घुमना सब्जी व फूल मंडी में लगी बोरिंग मशीन से लोरिंग का काम रुकवा दिया गया है। बीच बाजार में मशीन खड़ी होने से आसपास के दुकानदारों की रोजी-रोटी पर संकट गहरा गया। नौ व 10 जुलाई को टेंडर खोलने के बाद अब जिम्मेदार कागजी खानापूरी करने की माथापच्ची में जुटे रहे।
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वाटर ट्रीटमेंट कंपनी को मिला नलकूप का काम
अधिशासी अधिकारी विनोद कुमार ने बताया कि मिनी नलकूप के टेंडर खुलने पर तीन संस्थाओं ने हिस्सा लिया। इनमें जय वर्नी रसायन उद्योग ने 70,78,995, मैसर्स अवाना बिल्डर्स एंड कांट्रेक्टर्स ने 67,65,496.65 और वाटर ट्रीटमेंट कंपनी ने 67,35,158.10 रुपये का टेंडर डाला। इसमें वाटर ट्रीटमेंट कंपनी के सबसे कम रेट होने से उसे काम मिला है।
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