पशु पालन विभाग गलाघोंटू रोग की रोकथाम के लिए टीकाकरण अभियान चला रहा है।
जुलाई से खुरपका व मुंहपका के लिए टीकाकरण अभियान चलेगा। यह टीकाकरण मुफ्त
है। इस समय मवेशियों में हंफना रोग चल रहा है। जिल में 3 लाख 46 हजार 381
मवेशी हैं। स्टाफ की कमी से टीकाकरण की गति धीमी है। महकमे के ही आंकड़ों
से अभी करीब ढाई लाख
मवेशियों में टीकाकरण होना बाकी है। बरसात शुरू होने
से रोग बढ़ा तो दिक्कत हो सकती है।
बरसात के मौसम में मवेशियों में गला
घोंटू, खुरपका, मुंह पका रोग होते हैं। पशुपालन विभाग ने एहतियातन
गलाघोंटू की रोकथाम के लिए मई से टीकाकरण अभियान चला रखा है। अब तक एक लाख
मवेशियों को वैक्सीन लग चुकी हैं। सोमवार
को 20 हजार वैक्सीन की आपूर्ति
मिल गई है। टीकाकरण के लिए अस्पतालवार 25 टीमें बनाई गई हैं। यह गांव गांव
जाकर टीकाकरण कर रही हैं। जिले में 1 लाख 19 हजार 464 गोवंश व 2 लाख 26
हजार 917 महिष वंश है। इनका टीकाकरण किया जा रहा है। अगले महीने से विभाग
खुरपका व मुंहपका की रोकथाम के लिए टीकाकरण अभियान चलाएगा। इसके लिए 3 लाख
67 हजार वैक्सीन विभाग को मिल चुकी हैं। उपमुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा.
विपिन गर्ग
ने बताया कि अभियान के दौरान पशु पालक टीकाकरण जरूर करवा लें। बता
दें कि पशु पालन विभाग में स्टाफ का टोटा है। 135 स्वीकृत पदों पर 71 की
ही तैनाती है। चिकित्सकों से लेकर फार्मासिस्ट और चतुर्थश्रेणी स्टाफ की भी
कमी है। इससे अभियान में तेजी नहीं आ पा रही है। नमी बढ़ने या बरसात में
यह बीमारियां जोर पकड़ती हैं। बरसात से पहले टीकाकरण पूरा नहीं हो पाया तो
पशुओं में रोग फैल सकते हैं
मुफ्त में लगेंगे टीके
पशु
पालन विभाग की ओर से चल रहा टीकाकरण अभियान नि:शुल्क है। शासन ने टीकाकरण
के लिए लेवी माफ कर रखी है। टीकाकरण के लिए कोई भी पैसे की मांग करे तो
तुंरत अधिकारियों से शिकायत करें।
इन नंबरों पर करें शिकायत
डा. पुष्प कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
मोबाइल नंबर: 8765957918
डा. विपिन गर्ग, उप मुख्य चिकित्साधिकारी
मोबाइल नंबर: 9719231010
हंफना रोग से पीड़ित हो रहे मवेशी
चढ़े
तापमान से पशु बेहाल हैं। इन्हें हंफना रोग हो रहा है। तापमान न सह पाने
से यह हांफने लगते हैं। चारा खाना कम कर देते हैं। डा. विपिन गर्ग कहते
हैं। मवेशियों को हंफना से बचाने के लिए मवेशी पालक सावधानी बरतें। इन्हें
छाया में बांधें। दिन में दो बार नहलवाएं। बार बार पानी पिलाते रहें । सूखा
चारा न दें।
2007 की गणना के अनुसार पशु संख्या
विकास खंड गोवंश महिषवंश
बढ़पुर 13254 29779
कमालगंज 25139 41171
मोहम्मदाबाद 24842 49494
राजेपुर 12793 24081
कायमगंज 13200 23718
शमसाबाद 16778 33373
नवाबगंज 13458 25301
विकास खंड --7
पशु चिकित्सालय-- 25
पशु सेवा केंद्र --28
स्वीकृत पद --135
तैनाती -- 71