निजी चिकित्सालयों में आकस्मिक मृत्यु की घटनाओं को जिलाधिकारी ने गंभीरता
से लिया है। उन्होंने स्पष्ट आदेश दिए हैं कि बगैर सीएमओ के प्रमाणपत्र के
संचालित हो रहे अस्पतालों और मेडिकल स्टोरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
आयुर्वेद चिकित्सा भी इसमें शामिल रहेगी। डीएम ने मुख्य चिकित्साधिकारी और
नगर मजिस्ट्रेट व उप जिला मजिस्ट्रेटों को जांच करने
के आदेश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि जांच में बगैर प्रमाणपत्र चलते पाए जाने वाले अस्पतालों को
तुरंत सील किया जाए।
जिलाधिकारी ने आदेश में कहा है कि मुख्य
चिकित्साधिकारी स्वयं सभी नियमों का परीक्षण कर संतुष्ट होने के बाद ही
प्रमाणपत्र जारी करें। उन्होंने कहा कि प्रमाणपत्र को मेडिकल स्टोर एवं
परामर्श केंद्र के बाहर प्रदर्शित किया जाए। प्रत्येक प्रमाणपत्र पर पत्र
संख्या का उल्लेख अवश्य हो। आयुर्वेद, होम्योपैथी एवं पशु चिकित्सा से
जुड़े तथाकथित चिकित्सक अपनी योग्यता के अभिलेख संबंधित जिला स्तरीय
अधिकारी जैसे जिला आयुर्वेद अधिकारी, जिला होम्योपैथिक अधिकारी और मुख्य
पशु चिकित्साधिकारी के पास प्रस्तुत करें। इन अधिकारियों द्वारा प्रमाणपत्र
निर्गत करने के बाद ही चिकित्सक चिकित्सा कार्य शुरू करें।