फोटो-23, दरगाह हुसैनिया मुजीबिया में कुरान ख्वानी करते सज्जादानशीन शाह फ़सीह मुजीबी। स्रोत : स्व
फर्रुखाबाद। दरगाह हुसैनिया मुजीबिया में रविवार को कुरानख्वानी व जियारत शरीफ के साथ चार दिवसीय उर्स का आगाज हो गया। सज्जादानशीन कारी शाह फसीह मुजीबी ने अदब और एहतराम से जियारत कराई। दरगाह पर देर रात तक जायरीनों का तांता लगा रहा।
शहर के मोहल्ला सूफी खां स्थित दरगाह पर 156वां सालाना उर्स में शनिवार शाम से ही दूरदराज से जायरीनों का पहुंचना शुरू हो गया। रविवार सुबह दरगाह पर कुरानख्वानी हुई। इसके बाद जियारत शरीफ की रस्म अदा की गई। दुरुद पाक पढ़ा गया। दरगाह पर कोलकाता, झारखंड, बिहार, मुंबई, अलीगढ़, एटा, बुलंदशहर, लखीमपुर आदि स्थानों से आए हजारों जायरीनों का तांता लगा रहा। लोगों ने हाजिरी लगाकर गुलपोशी की।
देर रात हजरत एतिकाद शाह की मजार से गागर जुलूस का आगाज हुआ। सभी गागर को दरगाह में रखा गया। इसके बाद पूरी रात मुंबई के कव्वाल अली वारिस, बाराबंकी के शाहवेज शाह फैज वारसी, शाहजहांपुर के राजा मुरली और शहर के मुन्ना मेहरवान आदि दूरदराज से आए कव्वालों ने शानदार नजराना पेश किए।
सज्जादानशीन शाह फसीह मुजीबी ने कहा कि यह दरगाह आपसी मेलजोल, प्यार और मोहब्बत की अनोखी मिसाल है। दरगाह पर मेले जैसा माहौल बना हुआ है।
फोटो-23, दरगाह हुसैनिया मुजीबिया में कुरान ख्वानी करते सज्जादानशीन शाह फ़सीह मुजीबी। स्रोत : स्व