कमालगंज। गोदाम पर पांच रुपये प्रति क्विंटल की निर्धारित पल्लेदारी से दोगुना वसूले जाने के विरोध में शनिवार को कोटेदारों ने हंगामा किया। कोटेदारों ने गोदाम से गेहूं और चावल भी कम देने का आरोप लगाया। पल्लेदारी के ठेकेदार और एएमओ से बातचीत के बाद चार रुपये क्विंटल पल्लेदारी कम कर दी गई। साथ ही खाली व भरे ट्रैक्टर का वजन कराकर कम मात्रा की भरपाई करने की सहमति बनी। इसके बाद ही कोटेदार माने।
दिसंबर में दूसरी बार वितरण के लिए जहानगंज रोड स्थित मार्केटिंग विभाग के गोदाम से शनिवार को कोटेदारों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के राशन का उठान कराया जा रहा था। कोटेदारों ने 10 रुपये क्विंटल पल्लेदारी लिए जाने का विरोध किया। पूरा राशन न मिलने का भी आरोप लगाया। इस बीच फेयर प्राइस शाप डीलर संघ के जिलाध्यक्ष अनिल तिवारी पहुंच गए।
कोटेदारों ने कहा कि एसडीएम की उपस्थिति में 18 दिसंबर को हुई बैठक में चार से पांच रुपये प्रति क्विंटल पल्लेदारी की सहमति बनी थी, लेकिन दोगुनी पल्लेदारी ली जा रही है। 51 व 52 किलो की लगाकर गेहूं की बारी दी जाती है। धर्मकांटा पर तौल कराने पर कम निकलने वाला राशन नहीं दिया जाता है।
रोस्टर के हिसाब से राशन न मिलने पर कई बार ट्रैक्टर-ट्राली खाली वापस ले जाना पड़ता है। एएमओ फोन भी नहीं उठाती हैं। राशन मिलने की पर्ची भी नहीं मिलती। कोटेदार रामसिंह, मुरारी, मनोज हलवाई, पूरनलाल, प्रदीप, लालाराम, रामेश्वर दयाल, सुमन आदि भी रहे।
इलेक्ट्रॉनिक कांटा लगवाने का प्रस्ताव भेजा जा चुका
जिलाध्यक्ष अनिल तिवारी ने एएमओ स्वाती वर्मा और ठेकेदार शिकारी से बात की। इस दौरान क्षेत्रीय विपणन अधिकारी (एमओ) पुरुषोत्तम दास भी पहुंच गए। छह रुपये क्विंटल पल्लेदारी लिए जाने पर सहमति बनी। एएमओ स्वाती ने कहा कि उनके भेजे व्यक्ति के सामने खाली ट्रैक्टर-ट्राली व बाद में भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली का वजन होने पर कम निकलने वाला राशन कोटेदारों को दे दिया जाता है। पर्ची भी दी जा रही है। विभाग का इलेक्ट्रॉनिक कांटा लगाए जाने के लिए प्रस्ताव भेजा जा चुका है।