फोटो-21, लोहिया अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती अंशिका गुप्ता। संवाद
फर्रुखाबाद। विस्फोट के बाद घायलों को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस की लेटलतीफी देख बच्चों को पढ़ा रहीं शिक्षिका रिया यादव और शुभि ने चार घायल छात्र-छात्राओं को ई-रिक्शा पर बैठाया। उसके साथ एक छात्रा का भाई भी बैठ लिया।
दोनों शिक्षिकाओं ने इन घायलों को ई-रिक्शा से ही अस्पताल में भर्ती कराया था। लोहिया अस्पताल में इलाज करवा रही छात्रा अंशिका गुप्ता के भाई कृष्णा गुप्ता ने बताया कि बहन को खून बह रहा था। एंबुलेंस भी नहीं आ रही थी। इस पर शिक्षिका के सहयोग से एक ई-रिक्शा रोक लिया।
इसी से बहन के अलावा छात्र रिदम, पीयूष, निखिल समेत छह लोगों को बैठा लिया। इन्हें ई-रिक्शा से ही लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया। इसके बाद ही एंबुलेंस पहुंच सकी। उसमें दोनों मृत छात्रों को लाया गया था। कृष्णा ने बताया कि छात्र रिदम शिक्षिका रिया का भाई है। रिया लोहिया अस्पताल में भर्ती दोनों छात्रों का हालचाल जानने पहुंचीं।
कांच से वेदांत के सिर की हड्डी टूटी, कानपुर में ऑपरेशन
फर्रुखाबाद। शहर के मोहल्ला सानतपुर में किराये पर रह रहे मेरापुर थाने के गांव बरखिरिया निवासी अधिवक्ता विवेक यादव का पुत्र वेदांत यादव (12) भी विस्फोट की घटना में घायल हुआ था। हालत गंभीर होने पर शनिवार को ही उसे रेफर कर दिया गया था। परिवार के लोगों ने कानपुर में भर्ती कराया। रविवार को फोन पर विवेक यादव ने बताया कि उसके सिर की हड्डी टूटी है। लिहाजा डॉक्टरों ने ऑपरेशन किया है। परिवार के लोग कानपुर में ही हैं। (संवाद)