फर्रुखाबाद। जिले में दिवाली ही नहीं आम दिनों में भी दैमार, अनार, लाइटें और सुतली बम बनाने का कारोबार चलता रहता है। अभी तक किसी पर कार्रवाई नहीं की गई है।
कई गांवों में पटाखों का कारोबार चल रहा। पिछले साल शहर में एक जनप्रतिनिधि के नजदीकी के बरातघर और घर में आतिशबाजी का जखीरा मिला था लेकिन पुलिस ने इस मामले में भी राहत दे दी थी।
फतेहगढ़ कोतवाली के गांव धंसुआ, मोहम्मदाबाद के पिपरगांव, कमालगंज के कीरतपुर और मऊदरवाजा थाने के लेनगांव में कुछ लोग अवैध रूप से दैमार, सुतली बम, लाइटें आदि बनाने का कारोबार करते हैं। पिछले साल मऊदरवाजा थाने के एक मोहल्ला निवासी जनप्रतिनिधि के नजदीकी के घर और कुछ दूरी पर बने बरातघर में कई थानों की पुलिस ने दबिश दी थी।
घर से और बरातघर से भारी मात्रा में बारूद की बोरियां, बने और अधबने अनार समेत कई तरह की आतिशबाजी मिली थी। पुलिस ने इसे जब्त किया था लेकिन बाद में राहत दे दी गई थी। कोचिंग सेंटर के बाहर विस्फोट के बाद फॉरेंसिक टीम को जांच के दौरान सुतली बरामद हुई है। इससे सुतली बम अथवा दैमार रखे होने की आशंका जताई जा रही है।
अवैध आतिशबाजी के भंडारण पर नजर रखने के आदेश
मऊदरवाजा थानाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह ने बताया कि उच्चाधिकारियों ने अवैध रूप से की गई आतिशबाजी के भंडारण पर नजर रखने के आदेश दिए हैं। उन्होंने निगरानी बढ़ा दी है। आबादी वाले क्षेत्र में किसी को भी लाइसेंस नहीं मिल सकता। खेतों में भी तीन दिन के लिए लाइसेंस दिया गया है। उनके क्षेत्र में कहीं भी आतिशबाजी मिली, तो कठोर कार्रवाई करेंगे।