फर्रुखाबाद। फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश राकेश कुमार सिंह प्रथम ने दुष्कर्म और हत्या के मुकदमे में दो लोगों को दोषी करार दिया है। न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया गया है। दोनों को 29 जून को सजा सुनाई जाएगी।
फतेहगढ़ के मोहल्ला हाथीखाना निवासी सुबोध चंद्र अवस्थी कन्नौज जिले के थाना गुरसहायगंज के एक गांव निवासी व्यक्ति का रिश्ते में बहनोई है। वर्ष 1998 में सुबोध उनके दो पुत्रों और एक पुत्री को पढ़ाने के लिए घर लाया। वह उनकी पुत्री से दुष्कर्म करता था। इसमें सुबोध का दोस्त भी शामिल था। सुबोध की पत्नी सहयोग करती थी। बहन के साथ दुष्कर्म करते भाइयों ने देख लिया था।
भाइयों ने विरोध किया तो सुबोध की उनसे नोकझोंक हो गई। आपसी बातचीत में मामला शांत करा दिया गया। 10 जुलाई 1998 को सुबोध ने साले के दोनों पुत्रों को बाजार भेजा। वहां से लौटने पर लड्डू खाने के लिए दिए। एक भाई ने लड्डू खा लिया और दूसरे ने खाने से इनकार कर दिया। लड्डू खाने के कुछ देर बाद युवक की हालत बिगड़ गई। नर्सिंगहोम में लेकर गए तो डॉक्टर ने युवक को मृत घोषित कर दिया।
रिश्ते के साले ने फतेहगढ़ कोतवाली में सुबोध, बलराम और सुबोध की पत्नी माहेश्वरी देवी के खिलाफ जहर देकर पुत्र की हत्या और पुत्री से दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांचकर आरोप पत्र कोर्ट में दाखिला किया। सुनवाई के दौरान आरोपी माहेश्वरी देवी की मौत हो गई।
सुबोध और बलराम के खिलाफ सुनवाई हुई। बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता तेज सिंह राजपूत, शिवनरेश सिंह ने दलीलें पेश कीं। सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने सुबोध चंद्र अवस्थी और बलराम को हत्या व दुष्कर्म के जुर्म में दोषी करार दिया है। दोनों को 29 जून को सजा सुनाई जाएगी।