शमसाबाद। गंगा में आई बाढ़ से समैचीपुर चितार में कटान का कहर जारी है। बृहस्पतिवार रात दो पक्के और तीन झोपड़ियां गंगा में समा गईं। मकान मालिकों ने समय रहते इनमें रखा सामान निकाल कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया था। आसपास गांवों में बाढ़ का पानी भरा होने से लोग बेहाल हैं।
समैचीपुर चितार गांव में बृहस्पतिवार देर शाम उजागर और इंद्राज के पक्के मकान गंगा में बह गए। कुछ दूरी पर रखी इंद्राज की पुत्री जमानिया, फहीम समेत एक अन्य ग्रामीण की झोपड़ी भी गंगा में समा गई। मंत्री और जंत्री की झोपड़ियां भी कटान की जद में हैं। गंगा की विकराल धार को देखते हुए ग्रामीणों ने मकानों को खाली करना तेज कर दिया है।
प्रधान ताराबानो ने बताया कि गांव में कटान बेहद तेजी से हो रहा है। ग्रामीणों को अपने घर और सामान की सुरक्षा की चिंता सता रही है। गांव में 14 पक्के मकान और चार झोपड़ियां गंगा में समा चुकी हैं।
कटरी तौफीक में भी कटान की गति बढ़ गई है। इससे गांव में दहशत है। लोगों ने मकानों को तोड़कर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से झोवा मार्ग पर ईंट इकट्ठी करनी शुरू कर दी है। ग्रामीणों को आशंका है कि जैसे ही जलस्तर में कमी आई, गंगा का कटान और तेज हो जाएगा। लोग सामान और जानवरों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं।