फर्रुखाबाद। शनिवार रात तीन बजे शुरू हुई आंधी-पानी के चलते अमृतपुर क्षेत्र में जगह-जगह पेड़ों की डालें टूटकर 33 हजार केवी लाइन पर गिरीं। इससे चारों उपकेंद्र करीब पांच घंटे तक बंद रहे। उपकेंद्र बंद रहने से 300 गांवों की बिजली गुल हो गई। वहीं, भूसामंडी के पास 33 हजार लाइन का केबल बक्सा फुंकने से पांचाल घाट उपकेंद्र का कैंट फीडर की सप्लाई करीब चार घंटे बाधित रही।
रविवार सुबह आंधी-पानी आने से तहसील अमृतपुर क्षेत्र में राजेपुर-अमृतपुर मार्ग स्थित गांव कुतलूपुर, आईटीआई अमृतपुर और गांव हमीरपुर के पास से गुजरी 33 हजार लाइन पर यूकेलिप्टस के पेड़ टूटकर गिर पड़े। इससे लाइन ब्रेकडाउन हो गई। इस वजह से सलेमपुर, राजेपुर, तहसील व अमृतपुर उपकेंद्र बंद हो गए। इस वजह से चारों उपकेंद्रों से जुड़े लगभग 300 गांवों की बत्ती गुल हो गई।
एसडीओ सुरजीत सिंह ने पेट्रोलिंग शुरू कराई। पेट्रोलिंग के दौरान 33 केवी लाइन पर यूकेलिप्टस पेड़ की डालें रखी मिलीं। डालें हटाकर लाइन को ठीक किया गया। रविवार सुबह करीब नौ बजे चारों उपकेंद्र चालू कर दिए गए। एसडीओ अमृतपुर ने बताया कि तीन स्थानों पर 33 हजार लाइन पर यूकेलिप्टस के पेड़ की डालें टूटकर गिरी थीं, जिसके चलते लाइन ब्रेकडाउन हो गई। नौ बजे डालें काटकर हटवा दी गईं। उन्होंने बताया कि सुबह 6.45 से 9.45 बजे तक रोस्टिंग के तहत बिजली कटौती होती है।
उधर, सुबह करीब चार बजे भूसामंडी के पास 33 हजार लाइन का केबल बक्सा फुंक गया। इस वजह से कैंट फीडर बंद हो गया। फीडर बंद होने से मसेनी समेत कई मोहल्लों की बिजली गुल हो गई। ग्रामीणों ने पांचाल घाट उपकेंद्र फोन किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। जानकारी मिलने पर जेई पांचाल घाट विजयशंकर ने लाइनमैनों को भेजकर केबल बक्सा की मरम्मत शुरू कराई। सुबह करीब आठ बजे केबल बक्सा ठीक कर कैंट फीडर चालू कर दिया गया। जेई ने बताया कि केबल बक्सा फुंकने से कैंट फीडर बंद हो गया था।