जिले के परिषदीय विद्यालयों में शौचालय व्यवस्था ध्वस्त है। कहीं शौचालय
जर्जर पड़े हैं तो कहीं गंदगी पसरी है। कहीं-कहीं शौचालयों के अंदर पानी
जाने का इंतजाम भी नहीं है। परिषदीय विद्यालयों में बने शौचालयों की पड़ताल
करती अमर उजाला की रपट।
कहीं शौचालय बने नहीं तो कहीं जर्जर
कन्या प्राइमरी पाठशाला, करनपुरदत्त में शौचालय नहीं बने हैं। बच्चों को
खुले मैदान में जाना पड़ता है। शिक्षामित्र अरुण कुमार सिंह ने बताया कि
शौचालय बनवाने की मांग कई बार कर चुके हैं। यही हाल पूर्व माध्यमिक
विद्यालय कुतलूपुर का भी है। यहां भी शौचालय नहीं बने हैं। इंचार्ज
प्रधानाध्यापिका आशारानी ने बताया कि उच्चाधिकारियों को इसकी सूचना दी जा
चुकी है।
प्राथमिक विद्यालय मुजहा के शौचालय जर्जर हैं। गंदे भी पड़े हैं।
प्रधानाध्यापक अरविंद कुमार ने बताया कि प्रधान से शौचालयों को ठीक करवाने
के लिए कहा गया है। प्राथमिक विद्यालय, बिचपुरिया में शौचालयों में ताले
पड़े हैं। सहायक अध्यापक संजीव कुमार ने बताया कि शौचालय जर्जर हैं। इसलिए
ताले डाल रखे हैं। प्रधान से शौचालयों को ठीक करवाने के लिए कहा गया है।
शौचालय के अंदर पानी का इंतजाम नहीं
कन्या प्राथमिक विद्यालय कमालगंज शौचालय बने हैं लेकिन शौचालय के अंदर
पानी जाने की कोई व्यवस्था नहीं थी। प्रधानाध्यापिका ममता औदिच्य ने बताया
कि पानी की टंकी और पाइप लाइन चोर चोरी कर ले गए। कन्या पूर्व माध्यमिक
विद्यालय कमालगंज में शौचालयों में ताले पड़े थे। इनके आसपास बड़ी-बड़ी घास
खड़ी थी।
एक शौचालय में ईटें भरी थीं। इंचार्ज प्रधानाध्यापिका शीला
सक्सेना ने बताया कि शौच जाते समय बच्चों को चाबी दे दी जाती है। प्राथमिक
विद्यालय रजीपुर में भी शौचालयों में ताले पड़े मिले। प्रधानाध्यापिका
भगवान देवी ने बताया कि बाहर के लोग शौचालय गंदे करते हैं। इसलिए ताले डाल
रखे हैं। शौच जाने पर बच्चों को चाबी दे दी जाती है।