फर्रुखाबाद। जिला जज विनय कुमार ने गैर इरादतन हत्या में दो भाइयों को पांच-पांच साल, साथी को सात साल कारावास की सजा सुनाई। दोषियों पर 12 हजार रुपये अर्थदंड लगाया। जुर्माना न देने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भोगने का प्रावधान किया।
कोतवाली कायमगंज क्षेत्र के गांव पैथान निवासी पातीराम ने गांव के ही तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें कहा था कि गांव में चकबंदी होने पर गांव के महेश चंद्र आदि के खेत उसको मिल गए थे। खेतों में पहले से नीम व आम के पेड़ खड़े थे। जिसको महेश व उसके परिवार के लोग अपना बता रहे थे। 16 मार्च 2003 को उसका पुत्र ब्रह्मानंद खेत पर गया। जहां सुरेश, महेश, गिरीश व परवेश से पेड़ों को लेकर ब्रह्मानंद की कहासुनी हो गई। जिसकी शिकायत करने वह पुत्र के साथ प्रवेश के घर गया।
शिकायत करने पर सुरेश व महेश गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर सभी लाठी-डंडों से मारपीट करने लगे। परवेश ने गोट से तमंचा निकालकर पुत्र ब्रह्मानंद के गोली मार दी। जिससे वह घायल होकर वहीं गिर गया। सभी धमकी देकर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने सुरेश, महेश, परवेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल की। विवेचक ने विवेचना पूर्ण कर तीनों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई कर रहे जिला जज विनय कुमार ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद गवाह व साक्ष्य के आधार पर दोषी करार देते हुए सुरेश, महेश को पांच-पांच साल व परवेश को सात साल कारावास की सजा सुनाई।