जिलाधिकारी ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट में स्वास्थ्य विभाग की बैठक ली। इस
दौरान खामियां मिलने पर डीएम ने सीएमओ की क्लास लगाई। काम में लापरवाही
करने पर तीन एएनएम को निलंबित कर दिया गया। इसके साथ ही दो डाक्टरों और दो
एएनएम को चेतवानी दी गई। डीएम के रुख को देखकर स्वास्थ्य विभाग के अफसरों
खलबली मची रही।
डीएम एनकेएस चौहान ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में
स्वास्थ्य विभाग की बैठक ली। इस दौरान जननी सुरक्षा योजना और जाननी बाल
शिशु सुरक्षा योजना के बारे में जानकारी की गई। समीक्षा बैठक में डीएम ने
कायमगंज की डा. मधु अग्रवाल के आपरेशन करने में रुचि न लेने पर चेतावनी दी।
सीएमओ डा. राकेश कुमार की भी क्लास लगाई कि अपने काम में ध्यान दें।
अगर
कोई लापरवाही मिली तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बरौन के डा. मोहसिन
का राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत काम ठीक नहीं मिला। इस पर
इन्हें भी चेतावनी दी । डीएम ने साफ कहा कि महकमे के अधिकारी व कर्मचारी
अपनी जिम्मेदारी ठीक से निभाएं। इससे जनता को योजनाओं का लाभ मिल सके। इसके
साथ ही टीकाकरण पर विशेष ध्यान दिया जाए।
इस बार टीकाकरण कम हुआ है।
एंबुलेंस के प्रभारी अमित सिंह की उन्होंने जमकर क्लास लगाई। डीएम ने
फतेहगढ़ के गांव सरह में एंबुलेंस खड़ी करने के निर्देश का पालन न होने पर
अमित सिंह की लिखापढ़ी शासन को भेजने के निर्देश दिए।
इसके अलावा
स्वास्थ्य उपकेंद्र कुम्हौर, बराई, कुंआखेड़ा वजीर आलम की एएनएम को काम
में लापरवाही पर निलंबित कर दिया गया।
अमैयापुर और रोशनाबाद की एएनएम को
चेतावनी दी गई। डीएम के रुख को देखकर विभाग के अफसरों में हड़कंप मचा रहा।
इस दौरान डा. चंद्रशेखर, सीएमएस डा. रतन कुमार, महिला सीएमएस डा. सरोजवाला,
एके सोनी के साथ ही अन्य विभागीय अफसर मौजूद रहे।