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Farrukhabad News: बौद्ध नगरी में विदेशी मेहमानों के उपचार का इंतजाम नहीं

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फर्रुखाबाद। बौद्ध तीर्थ स्थल संकिसा में विदेशी पर्यटकों का आना-जाना लगा रहता है। वह यहां रुककर पूजा-अर्चना भी करते हैं। अगर तबीयत बिगड़ जाए तो उनके इलाज का पर्याप्त इंतजाम नहीं है। यहां आयुष डॉक्टर भरोसे छह घंटे की ही स्वास्थ्य सेवाएं मिल पा रही हैं।
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जनपद में बौद्ध तीर्थ नगरी संकिसा का विकास तेजी से हो रहा है। संकिसा को नगर पंचायत भी बनाया जा चुका है। यहां म्यामार, चीन, श्रीलंका, थाईलैंड, कंबोडिया, जापान आदि कई देशों से बौद्ध अनुयायी पूरे वर्ष आते रहते हैं। बुद्ध पूर्णिमा पर यहां मेला भी लगता है। इससे विदेशी मेहमानों की संख्या भी काफी बढ़ जाती है। सरकार भले ही संकिसा के सुंदरीकरण व संसाधनों पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही, लेकिन स्वास्थ्य सेवाओं पर अभी तक ध्यान केंद्रित नहीं किया गया।
स्वास्थ्य सेवाओं पर नजर डालें तो संकिसा स्थित पीएचसी पर कोई एमबीबीएस डॉक्टर की तैनाती नहीं है। यहां तैनात आयुष डॉ. प्रभात त्रिपाठी छह घंटे की ओपीडी सेवा देकर चले जाते हैं। सुबह-शाम व रात में यदि किसी विदेशी पर्यटक की तबीयत बिगड़ जाए तो उपचार के लिए कोई डॉक्टर मिलने वाला नहीं है। इससे विदेशी पर्यटकों की 18 घंटे सेहत भगवान भरोसे ही रहती है। दो दिन पूर्व ही म्यांमार से आईं बौद्ध अनुयायी न्यू न्यू आए की तबीयत बिगड़ गई। उल्टी और दस्त के चलते गंभीर हालत में उन्हें लोहिया अस्पताल लाया गया। जहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इससे पहले भी विदेशी पर्यटक यहां दम तोड़ चुके हैं। संकिसा में यदि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हो तो लोगों को 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकती हैं। मरीजों को एमबीबीएस डॉक्टर भी 24 घंटे मिलेगा।
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डॉक्टर इस्तीफा देकर चले गए
मोहम्मदाबाद सीएचसी प्रभारी डॉ. गौरव यादव ने बताया कि पूर्व में एमबीबीएस डॉक्टर की तैनाती की गई थी, लेकिन वह इस्तीफा देकर चले गए। इन दिनों आयुष डॉक्टर की तैनाती है। उन्होंने बताया कि पीएचसी पर तैनात फार्मासिस्ट, एएनएम, स्टाफ नर्स, वार्ड ब्वाय को 24 घंटे सेवा देने के निर्देश हैं। इससे फार्मासिस्ट पीएचसी के आवास में रुकता है। एंबुलेंस भी खड़ी रहती है। उन्होंने यह भी बताया कि गत वर्ष संकिसा में सीएचसी निर्माण के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। यदि सीएचसी का निर्माण हो जाए तो स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हो सकती हैं।

कोट::
संकिसा से मोहम्मदाबाद सीएचसी की दूरी 16 किलोमीटर से अधिक है। इससे संकिसा से मरीजों को ले जाने में समय लगता है। संकिसा में बड़ी संख्या में पर्यटक आने से यहां सीएचसी की स्वीकृति के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। पूर्व में पखना, नीबकरोरी व संकिसा में सीएचसी बनाए जाने का प्रस्ताव भेजा जा चुका है। संकिसा में विदेशी पर्यटक आने से 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सीएचसी की काफी जरूरत है।
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- डाॅ. अवनींद्र कुमार, मुख्य चिकित्साधिकारी, फर्रुखाबाद
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