कमालगंज (फर्रुखाबाद)। नए आलू की बाजार में कीमत न मिलने से पुराने आलू का भाव भी 195 से 210 रुपये प्रति बोरी हो गया है। शीतगृहों में अभी भी 40000 मीट्रिक टन तक आलू भरा है। शीतगृह का भाड़ा और बोरी का खर्च निकालकर किसान को 35 से 50 रुपये रुपये प्रति बोरी ही मिल रहे हैं। घाटा होने से किसान आलू की निकासी करने ही नहीं जा रहे हैं। इससे शीतगृहों में रखा आलू सड़ने की आशंका है।
ही रह गया है। शीतगृह का भाड़ा निकालकर किसान को 70 रुपये बोरी ही बच रहे हैं। खाली बोरी के रुपये काटे जाएं तो 35 रुपये ही बचते हैं। इसके चलते अधिकांश किसानों ने शीतगृहों से आलू निकालने से मुंह मोड़ लिया है। इसे देखते हुए अधिकांश कोल्ड स्टोरेज मालिकों ने मशीनें बंद कर शीतगृह खाली करने के लिए चेम्बर से आलू को बाहर निकालना शुरू कर दिया है।
जिले में कच्ची (अगैती) आलू की फसल में देरी से किसानों को 1500 रुपये प्रति क्विंटल भाव मिलने की उम्मीद थी। किंतु बाहरी मंडियों में दूसरे राज्यों का नया आलू आने से भाव घटता जा रहा है। पुखराज व ख्याती का भाव 195 से 210 रुपये प्रति बोरी रह गया है।
किसानों को 125 किराया और 35 रुपये बोरी के देने हैं। 195 के भाव में किसानों को प्रति बोरी केवल 35 रुपये ही बच रहे हैं। इससे किसान शीतगृहों से आलू निकालने ही नहीं आ रहे हैं। जिला आलू विकास अधिकारी आरएन वर्मा ने बताया कि अब 15 नवंबर तक कोल्ड स्टोरेज चलने थे। अभी शीतगृहों में छह से 10 हजार बोरी आलू है। किसानों को एक सप्ताह में आलू निकालने का नोटिस देने के लिए शीतगृह संचालकों से कह दिया गया है।
फरवरी से होगा नए आलू का भंडारण
कोल्ड स्टोरेज मालिकों के अनुसार फरवरी में नए आलू भंडारण के लिए मुहूर्त व उद्घाटन होता है। कोल्ड स्टोरेज खाली हो जाने के बाद सफाई, टूटफूट की मरम्मत व आदि के लिए 50 से 60 दिन लग जाते हैं। इसलिए सभी चेम्बर जल्दी खाली होना जरूरी है।