फोटो - 1 चीनी मिल में मरम्मत कार्य करते तकनीकी कर्मचारी। संवाद
कायमगंज। आगामी पेराई सत्र के लिए कायमगंज चीनी मिल में तैयारियां जोरों पर हैं। मिल हाउस में लगी मशीनों की करीब 80 प्रतिशत मरम्मत व सफाई का कार्य पूरा हो चुका है। मिल प्रबंधन ने 16 नवंबर से पेराई सत्र शुरू करने की तिथि घोषित कर दी है।
नए सत्र की तैयारियों के लिए मिल प्रशासन ने मरम्मत कार्य के लिए एक करोड़ रुपये की मांग की थी, इसमें से मिल संघ ने 80 लाख रुपये की स्वीकृति दे दी है। बीते एक माह से मिल हाउस में पुरानी मशीनों की मरम्मत का कार्य जारी है। पिछले वर्ष मिल ने किसानों से लगभग साढ़े दस लाख क्विंटल गन्ना खरीदकर पेराई की थी। किसानों को गन्ने के भुगतान की राशि पूर्ण रूप से दे दी गई थी। इस बार गन्ने की उपलब्धता में कमी की आशंका जताई जा रही है।
पिछले वर्ष 4,561 हेक्टेयर में गन्ने की खेती हुई थी, जबकि इस बार यह घटकर लगभग 4,000 हेक्टेयर रह गई है। गन्ना विभाग के अनुसार गंगा नदी में आई बाढ़ के कारण इस वर्ष गन्ने की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। वहीं चीनी मिल से जुड़े तीन गन्ना क्रय केंद्र फैजबाग सेकेंड, हजियापुर सेकेंड व नवाबगंज को रूपापुर चीनी मिल से जोड़े जाने की प्रक्रिया चल रही है। करीब 15 वर्ष पूर्व फैजबाग व रोशनाबाद केंद्र पहले ही रूपापुर मिल से जुड़ चुके हैं।
मिल प्रशासन ने बाढ़ में फसल नुकसान को देखते हुए दो केंद्र कायमगंज चीनी मिल में जोड़ने का प्रस्ताव दिया था, परंतु इसके विपरीत तीन केंद्रों को निजी रूपापुर चीनी मिल से जोड़ने की कवायद शुरू हो गई है। मिल के जीएम शादाब असलम ने बताया कि प्लांट को सुचारू रूप से चलाने के लिए सभी मशीनों की मरम्मत व रंगाई-पुताई का कार्य तेजी से कराया जा रहा है।
चीनी की गुणवत्ता सुधारने के लिए मिल हाउस में तकनीकी उन्नयन भी किया जा रहा है। मिल संघ को 16 नवंबर से पेराई सत्र प्रारंभ करने की सूचना भेज दी गई है। अधिकांश मरम्मत कार्य पूर्ण हो चुका है, शेष लगभग 20 प्रतिशत रंगाई-पुताई का कार्य अंतिम चरण में है।