फोटो-1 गांव करनपुर घाट के पास बहता पानी। संवाद
अमृतपुर। पहाड़ों पर बारिश के चलते गंगा में पानी छोड़े जाने से जलस्तर बढ़ने लगा है। जलस्तर 15 सेंटीमीटर बढ़ने से 136.20 मीटर पर पहुंच गया, जोकि चेतावनी बिंदु से 40 सेंटीमीटर दूर है। गंगा के किनारे बसे गांव में बाढ़ की आशंका है।
शनिवार को हरिद्वार से 66,192 क्यूसेक, बिजनौर से 66,021 तथा नरौरा से 53,125 क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया। इसके चलते गंगा का जलस्तर 136.05 से बढ़कर 136.20 मीटर पर पहुंच गया। गंगा किनारे बसे सुंदरपुर, नगला दुर्गू, जोगराजपुर, तीसराम की मड़ैया, हरसिंहपुर कायस्थ और ऊगरपुर आदि गांवों के लोगों का कहना है कि गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इससे बाढ़ आने का खतरा बढ़ गया है। फिलहाल गांवों में बाढ़ का पानी नहीं पहुंचा है। करनपुर घाट के पास पानी पहुंच जाने से ग्रामीणों को अब गांव कटने का डर सताने लगा है। गांव के रामनरेश, सुभाष, धर्मेंद्र, रामदास, अनिल आदि ने बताया कि सिंचाई विभाग द्वारा पिछले साल पल्ली पाइलिंग का काम कराया गया था जो कि बाढ़ आने पर बह गई थी।
उधर, रामगंगा नदी का जलस्तर अभी तक बिलोगेज पर था, अब 134.75 मीटर पर पहुंच गया है। खो हरेली रामनगर बैराज से 990 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। एसडीएम श्वेता साहू ने लेखपालों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।