राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर शहर में विभिन्न सामाजिक
संगठनों और स्कूलों में बैठकें और गोष्ठियां हुईं। इनमें महात्मा गांधी को
श्रद्धासुमन अर्पित करके उन्हें याद किया गया। कलेक्ट्रेट में भी
अधिकारियाें व कर्मचारियाें ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी।
जिला
कांग्रेस कमेटी ने शुक्रवार को महात्मा गांधी की पुण्यतिथि मनाई। इस दौरान
जिलाध्यक्ष मृत्युंजय शर्मा और पूर्व जिलाध्यक्ष अनिल तिवारी ने महात्मा
गांधी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। जिलाध्यक्ष ने
कहा कि देश की आजादी में महात्मा गांधी के योगदान को कभी भी भुलाया नहीं जा
सकता है। इस अवसर पर नावेद अल्वी, संजू अग्निहोत्री, डा. दिनेश
अग्निहोत्री, अमन राठौर, भवंर सिंह, अजय तिवारी, ऋषभ अग्निहोत्री,
शिवाशीष
तिवारी, कैलाश सिंह, सलीम अल्वी, संजीव कटियार, जितेंद्र सिंह, प्रभात
कटियार, दिलवर हुसैन, मोहम्मद अनवर खां, मनोज गंगवार, रमेशचंद्र कठेरिया,
अजय दीक्षित, मोहम्मद इलियास, सेवक सिंह और डा. श्यामप्रकाश शुक्ल आदि
मौजूद रहे।
उधर, फर्रुखाबाद-कायमगंज रोड स्थित सीपी इंटरनेशनल स्कूल में
बच्चों और स्कूल के स्टाफ ने दो मिनट का मौन रखकर
महात्मा गांधी को
श्रद्घांजलि दी। उप प्रधानाचार्य डा. एनडी सिंह ने बच्चों को महात्मा गांधी
के बताए रास्ते पर चलने की सीख दी। इस अवसर पर देवयानी अग्रवाल और राखी
सक्सेना आदि मौजूद रहीं। कायमगंज प्रतिनिधि के अनुसार विश्व बंधु परिषद
की ओर से आयोजित गोष्ठी में प्रोफेसर रामबाबू मिश्र ने कहा कि तथागत बुद्ध
की तरह गांधी दर्शन ने भी समूचे विश्व को प्रभावित किया।
गांधी बीसवीं सदी
के महानायक थे। विद्यासागर तिवारी ने कहा कि हिंसा से पीड़ित आज के विश्व
को बचाने के लिए गांधी जी के सत्य अहिंसा के सिद्धांत ही कामयाब होंगे।
उनकी सादगी और अखंड सिद्धांत, निष्ठा की सारी दुनियां मुरीद हुई। आचार्य
रामकृष्ण त्रिवेदी ने कहा कि गांधी ने ग्रामोन्मुखी विकास की हिमायत की
थी। वह भारतीय जनता के सच्चे प्रतिनिधि थे। गोष्ठी मेें प्रधानाचार्य आरके
दुबे, जेपी दुबे, सत्यप्रकाश चतुर्वेदी, विनय यादव, हंसा मिश्रा, शिव कुमार
यादव ने भी विचार व्यक्त किए।