फर्रुखाबाद। किसान दिवस में किसान नेताओं ने डीएम के समक्ष यूरिया की कालाबाजारी की समस्या उठाई। ये भी बताया कि क्रय केेंद्रों पर गुणवत्ता खराब बताकर धान नहीं खरीदा जा रहा है और रबी फसल की सिंचाई के समय नहरों में पानी भी नहीं आ रहा है। डीएम ने धान खरीद की जांच के लिए समिति बनाने और खाद की कालाबाजारी की जांच के निर्देश दिए।
कलक्ट्रेट सभागार में बुधवार को किसान दिवस का आयोजन किया गया।
जिलाधिकार
ी संजय कुमार सिंह ने किसानों से समस्याएं पूछीं। किसानों ने बताया कि रबी फसल के लिए जरूरत के अनुसार यूरिया नहीं मिल रही है। दुकानों पर 266.50 रुपये की यूरिया की बोरी 300 रुपये में बेची जा रही है।
क्रय केंद्रों पर धान की खरीद नहीं की जा रही है। मानक के अनुसार उपज न बताकर प्रभारी किसानों को लौटा रहे हैं। असरदार लोगों का धान ही खरीदा जा रहा है। माइनर में टेल तक पानी भी नहीं पहुंच रहा है, जबकि इस समय फसल को सिंचाई की बहुत जरूरत है। जिलाधिकारी ने विपणन अधिकारी को धान खरीद की जांच के लिए समिति बनाने के निर्देश दिए। समिति में सदस्य के रूप में किसानों को भी शामिल करने के लिए कहा।
इफको के क्षेत्रीय प्रबंधक राजवीर सिंह ने किसानों को नैनो यूरिया की बोतल दी और उसके उपयोग का तरीका बताया। सीडीओ एम.अरून्मोली, उपकृषि निदेशक राजकुमार, जिला कृषि अधिकारी डॉ.राकेश कुमार सिंह, राममोहन दीक्षित, रामबहादुर राजपूत, नन्हेंलाल, खुशनवाज, सूरज पाल आदि किसान मौजूद रहे।