फर्रुखाबाद। प्रभारी जिला बेसिक शिक्षाधिकारी जाते-जाते जिला समन्वयक बालिका (डीसी) का पटल बदल गए। इसको लेकर कर्मचारियों में चर्चा बनी रही।
बीएसए के सर्व शिक्षा अभियान (एसएसए) कार्यालय में डीसी के चार पद हैं। इसमें डीसी बालिका, डीसी ट्रेनिंग, डीसी कम्युनिटी व डीसी समेकित शिक्षा के पद करीब दो सालों से खाली हैं। अभी तक डीसी बालिका, डीसी समेकित शिक्षा व डीसी ट्रेनिंग का चार्ज मैनेजमेंट इन्फारर्मेशन सिस्टम (एमआईएस) जितेंद्र सिंह के पास था।
करीब तीन माह पहले जब डीसी बालिका का चार्ज जितेंद्र सिंह को दिया गया तो इस मलाईदार पटल को हथियाने के लिए एसएसए कार्यालय में तैनात दूसरे कर्मचारियों ने प्रयास शुरू किए थे। ऐसा इसलिए कि डीसी बालिका के अधिकार में जिले के पांच कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय आते हैं।
इनमें बच्चों की मूलभूत सुविधाओं के साथ ही खाद्यान्न आदि के लिए करोड़ों रुपये हर वर्ष मिलते हैं। इसमें जमकर खेल चलता है। इसके लिए लोग जनप्रतिनिधियों के साथ ही अफसरों से जुगाड़ भी लगवा रहे थे।
शुक्रवार को जिले में नए बीएसए विश्वनाथ प्रताप सिंह की तैनाती के आदेश आ गए थे। आदेश आते ही प्रभारी बीएसए डॉ. अनुपम अवस्थी ने डीसी बालिका का पटल बदलकर ईएमआईएस सुनील सिंह को दे दिया।
प्रभारी बीएसए डॉ. अनुपम अवस्थी ने बताया कि एमआईएस जितेंद्र ने तबीयत खराब होने की बात कही थी, इस पर पटल बदल दिया गया। एमआईएस जितेंद्र सिंह ने बताया कि उनकी तबीयत खराब चल रही है। पटल बदलने के लिए पत्र दिया था। 14 नवंबर को पटल बदल दिया गया।