फर्रुखाबाद। महिला से शारीरिक संबंध का दबाव बनाने पर पूर्व प्रधान की हत्या की गई थी। पुलिस ने तीन माह बाद हत्यारोपी को दबोच लिया। घटना में प्रयुक्त चाकू भी पुलिस ने खेत से बरामद किया है। एसपी ने खुलासा करने वाली टीम को दस हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
जहानगंज थाना क्षेत्र के गांव मधवापुर निवासी पूर्व प्रधान रामसेवक वर्मा की 16 जून की रात गांव के ही राजेश कुमार के नलकूप पर सोते समय चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। दूसरे दिन शव मिला था। पुलिस ने राजेश की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू की। इस मामले में पुलिस ने छह से अधिक लोगों को पकड़ा और पूछताछ के बाद छोड़ दिया था। ऐसे में पुलिस ने रामसेवक की दिनचर्या उसके चाल-चलन के बारे में जानकारी जुटाना शुरू की। पूर्व प्रधान रामसेवक वर्मा रंगीन मिजाज था और कई बार धर्म भी बदल चुका था। वह अक्सर महिलाओं से बात किया करता था। उसके बैग की तलाशी में महिलाओं के फोटो मिले थे। इस पर पुलिस ने नए सिरे से फोटो व सर्विलांस के जरिए छानबीन शुरू की।
आखिरकार पुलिस ने गांव के ही रजनेश उर्फ राजू को पकड़ लिया। स्वाट टीम प्रभारी ने जब पूछताछ की तो रजनेश ने बताया कि पूर्व प्रधान उसके पिता का अच्छा दोस्त था। उसका घर पर आना जाना था। वह पत्नी से कुछ दिनों बाद बातचीत करने लगा और जबरन संबंध बनाने का दबाव बना रहा था। पत्नी ने इसकी शिकायत की इस पर घर आए पूर्व प्रधान को रजनेश ने गाली गलौज कर भगा दिया था। इस घटना के बाद पूर्व प्रधान कुछ दिनों के लिए बाहर चला गया और फिर वापस आ गया। 16 जून को गांव में भागवत चल रही थी। रजनेश जब भागवत में प्रसाद लेने गया तो वहां उसने पूर्व प्रधान रामसेवक को बैठे देखा। इस पर रजनेश उर्फ राजू ने पूर्व प्रधान की हत्या करने का मन बना लिया।
पूर्व प्रधान भागवत सुनने के बाद नलकूप पर सोने चला गया। जब वह सो गया तो पीछे से जाकर रजनेश ने उसके सिर पर ईंट से प्रहार किया और चाकू से गोदकर उसकी हत्या कर दी। घटना को अंजाम देकर रजनेश उर्फ राजू अपनी पत्नी के साथ पंजाब चला गया। वहां मजदूरी करने लगा। काफी समय बीत गया और पुलिस ने उसकी ओर ध्यान नहीं दिया। इस पर वह गांव वापस आ गया। पूरे मामले की जानकारी देते हुए एसपी ने वार्ता में बताया कि स्वाट टीम प्रभारी कुलदीप दीक्षित, प्रभारी सर्विलांस सुरेश, प्रभारी एसओ अंगद सिंह की तीन टीमों ने मिलकर इस हत्याकांड का खुलासा किया है।