फर्रुखाबाद। 38 वर्ष पहले तत्कालीन तहसीलदार के यहां चोरी के मामले में सीजेएम ने गवाह व साक्ष्य के आधार पर दोषी को छह वर्ष कारावास की सजा सुनाई। दोषी को एक हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया है।
तत्कालीन तहसीलदार रामनरायण ने मऊदरवाजा थाने में 24 जुलाई 1986 को आवास से चोरी होने का मुकदमा दर्ज कराया था। रामनारायण वर्तमान में कानपुर में रह रहे हैं। वह एडीएम के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। पुलिस ने इस मामले में मोहल्ला रकाबगंज निवासी चुन्नू उर्फ चुन्नूलाल, मोहल्ला रकाबगंज खुर्द निवासी घनश्याम सुनार, टाउनहाल निवासी रज्जन, राजेंद्र को पकड़ कर जेल भेज दिया था। विवेचक ने चारों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान रज्जन, घनश्याम, राजेंद्र की मौत हो गई। सोमवार को मुकदमे की सुनवाई कर सीजेएम घनश्याम शुक्ला ने गवाह व साक्ष्य के आधार पर चुन्नू उर्फ चुन्नूलाल को दोषी करार देकर छह वर्ष कारावास की सजा सुनाई। दोषी को एक हजार रुपये अर्थदंड के रूप में जमा करने के आदेश दिए। जुर्माना नहीं देने पर दोषी को 15 दिन का कारावास भोगने के आदेश दिए। कोर्ट ने जेल में बिताई गई अवधि सजा में समायोजित करने के आदेश दिए।