अपर जिला जज बलजोर सिंह ने ऑनर किलिंग के मुकदमे में दोषी करार दिए गए दंपति और दो पुत्रों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
फतेहगढ़ के मोहल्ला नगला नैन निवासी सुरेशचंद्र का पुत्र सुधीर उर्फ दुर्गेश मोहल्ले के निवासी मेवाराम की पुत्री रजनी से प्रेम करता था। 18 जून 2016 को रजनी की शादी होनी थी। इसकी जानकारी होने पर 1 जून को सुधीर उर्फ दुर्गेश रजनी से मिलने उसके घर रात में गया था।
युवती के कमरे में प्रेमी युगल का शव बरामद हुआ। दोनों की गला दबाकर हत्या करने का मामला सामने आया। इस मामले की रिपोर्ट मृतक सुधीर उर्फ दुर्गेश के भाई अखिलेश कुमार ने पड़ोसी सेवानिवृत्त फौजी मेवाराम, इनकी पत्नी सुधा, पुत्र प्रवीन, नवीन, पुत्री रेनू और दामाद नन्हू उर्फ शिव कुमार के खिलाफ दर्ज कराई थी।
अदालत में आरोप पत्र दाखिल होने के बाद सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कृष्ण पाल सिंह यादव ने दलीलें पेश की थीं। न्यायाधीश ने मंगलवार को आरोपी नन्हू उर्फ शिव कुमार, इनकी पत्नी रेनू को संदेह का लाभ देकर दोषमुक्त किया था और आरोपी सेवानिवृत्त फौजी मेवाराम, इनकी पत्नी सुधा, पुत्र प्रवीन व नवीन को हत्या के जुर्म में दोषी करार दिया था। बुधवार को दोषसिद्ध अभियुक्तों को न्यायाधीश ने आजीवन कारावास की सजा और जुर्माने से दंडित किया।
सजा सुनाए जाते ही आरोपियों के परिजन अदालत के बाहर रोने-बिलखने लगे। सुरक्षा के लिए पुलिस बल अदालत के बाहर तैनात रहा।