फर्रुखाबाद। मां बच्चों की प्रथम शिक्षक होती है। घर के वातावरण से ही बच्चा सीखता है। यह बात प्रधानाचार्य धर्मवीर सिंह ने मातृ संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कही।
मंगलवार को शहर के सेनापति स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। रामामनंद बालिका इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य रीता दुबे ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि स्त्री शक्ति का पर्याय है। मां, पत्नी, बेटी, बहू के स्वरूप में वह सदैव हमारे साथ रहती है। उन्होंने कार्यक्रम में आए अभिभावकों से कहा कि बच्चों का मन बहुत की कोमल होता है। उनके सामने ऐसी कोई बात न करें, जिससे उन पर बुरा असर पड़े।
बच्चों को मर्यादित वेष में विद्यालय आने की सीख दी। कहा कि बच्चों को त्याग और बलिदान से परिपूर्ण होकर संस्कारयुक्त राष्ट्रीय आदर्श बनाएं। प्रबंधक संजीव चौहान, कृष्ण कुमार कटियार, प्रदीप अवस्थी, शिवमोहन मिश्र, प्रदीप सेंगर, रामानंद पांडेय ने गोष्ठी को संबोधित किया। आर्तिका, प्रियंका, सरला, मंजरी, रश्मि, राहुल कुमार, सुबोध, आयुष, बृजपाल,रजनीश,आलोक सिंह, संजीव कुमार रहे।