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Farrukhabad News: धर्म और श्रद्धा की सुगंध से महका गंगा तट

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फोटो-19 मेला रामनगरिया क्षेत्र में बाइक सवार होकर शंख ध्वनि करते संत। करुणेश अवस्थी - फोटो : chineni news
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फर्रुखाबाद/अमृतपुर। पांचाल घाट स्थित मां भागीरथी के पावन तट पर इन दिनों आस्था की अद्भुत छवि देखने को मिल रही है। एक माह तक चलने वाले कल्पवास से गंगा किनारा पूरी तरह धर्म और श्रद्धा की नगरी में बदल चुका है। कई प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे हजारों श्रद्धालु नियम, संयम और साधना से आत्मशुद्धि में लगे हैं। भोर हाेते ही गंगा में श्रद्धालुओं के डुबकी लगाने के साथ ही जयकारों से तट गूंजने लगते हैं।
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कड़ाके की ठंड भी श्रद्धालुओं की आस्था को नहीं डिगा पार रही हैं। ब्रह्ममुहूर्त में चार बजे से ही कल्पवासी गंगा स्नान करने लगते हैं। चारों ओर हर-हर गंगे और जय गंगा मैया के जयकारे गूंजने लगते हैं। स्नान के बाद कल्पवासी मां गंगा की विधिवत पूजा-अर्चना कर दान कर पुण्य कमाने का प्रयास करते हैं। दिनभर यज्ञ, हवन, जप-तप, रामायण व श्रीमद्भागवत पाठ के साथ भजन-कीर्तन से मेला क्षेत्र भक्तिमय बना रहता है। शाम होते ही दीपदान और गंगा आरती के दृश्य गंगा तट को अलौकिक स्वरूप प्रदान कर देते हैं।
मेला क्षेत्र में साधु-संतों के प्रवचन श्रद्धालुओं को धर्म, सदाचार और संयम का मार्ग दिखा रहे हैं। संतों का कहना है कि कल्पवास आत्मशुद्धि और मोक्ष प्राप्ति का श्रेष्ठ साधन है। इससे मनुष्य के पाप नष्ट होते हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। आस्था की इस नगरी में हर ओर धर्म की सुगंध फैल रही है। कल्पवासियों के त्याग, तप और अनुशासन से संपूर्ण वातावरण पवित्र हो रहा है। वहीं प्रशासन की ओर से मेला व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षा को लेकर आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।
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मौसम की मार से सूना पड़ा मनोरंजन क्षेत्र, झूले खाली

मेला रामनगरिया में मौसम की मार के चलते मनोरंजन क्षेत्र में लगे झूले अभी तक चालू नहीं हो सके हैं जबकि एक सप्ताह पूर्व ही मनोरंजन ठेकेदार की ओर से सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गईं। दर्शकों की भीड़ न पहुंचने से मनोरंजन क्षेत्र की रौनक फीकी नजर आ रही है।
मनोरंजन मैनेजर विजय शर्मा ने बताया कि झूलों के संचालन के लिए कई विभागों से अनुमति लेनी आवश्यक थी। इसमें समय लग गया। जब सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं तो मौसम खराब होने से मेला देखने वालों के न आने से फिलहाल झूले चालू नहीं किए गए हैं। उन्होंने बताया कि मौसम साफ होने और श्रद्धालुओं व दर्शकों की संख्या बढ़ने पर झूलों का संचालन शुरू हो जाएगा।

फोटो-19 मेला रामनगरिया क्षेत्र में बाइक सवार होकर शंख ध्वनि करते संत। करुणेश अवस्थी- फोटो : chineni news

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