फर्रुखाबाद। ग्राम पंचायत सचिव ने बिना टेंडर के चहेती फर्म से विकास कार्य कराकर 5.14 लाख रुपये का भुगतान कर दिया। इसकी जानकारी बीडीओ ने सीडीओ को दी।
इसके बाद बीडीओ पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने सफाई कर्मचारी से अभद्रता की है। सीडीओ ने दोनों मामलों की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। कमेटी से पांच दिन में जांच पूरी कर रिपोर्ट मांगी है।
पंचायती राज सफाई कर्मियों ने मोहम्मदाबाद बीडीओ गोपीनाथ पाठक पर आर्थिक व मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा था।
इसके साथ ही बीडीओ ने मुख्य विकास अधिकारी को पत्र देकर जानकारी दी थी कि ग्राम पंचायत अधिकारी (सचिव) विनय सिंह चौहान मोहम्मदाबाद ब्लॉक में पांच वर्ष से अधिक समय से कार्यरत हैं।
वह 8 जनवरी 2022 तक प्रभारी सहायक विकास अधिकारी का भी काम देखते रहे। सचिव ने अपने निकटतम संबंधी की फर्म सूर्यांश इंटरप्राइजेज के खाते में बिना टेंडर ग्राम पंचायत बनकटी के पंचायतघर के निर्माण में एक नवंबर 2021 को एक लाख 97 हजार 77 रुपये, ग्राम पंचायत हरसिंहपुर साही में 17 जून 2021 को दो वाउचर से एक लाख 67 हजार 304 रुपये व एक लाख 49 हजार 922 रुपये का भुगतान कराया है।
इसके अलावा स्थानांतरित ग्राम पंचायत सचिव ने न तो दूसरे सचिव को प्रभार दिया और न ही पंचायतघर व सामुदायिक शौचालय का निर्माण पूर्ण कराया गया। प्रधानों को भेजकर उन्हें अपमानित कराने के साथ विकास खंड बंद कराने की धमकी दिलाई गई।
मुख्य विकास अधिकारी एम. अरून्मोली ने प्रकरण की जांच के लिए जिला विकास अधिकारी योगेंद्र कुमार पाठक, अतिरिक्त एसडीएम पदम सिंह व भूमि संरक्षण अधिकारी उपेंद्र नाथ खरवार की कमेटी गठित कर दी है। इसके साथ ही पांच दिन के अंदर जांच आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।